Lucknow Fire Case: बिना एनओसी कई सालों से चल रही थी फैक्ट्री, दमकल कर्मियों की मिलीभगत

इलाके में चर्चा है कि फायर स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से अवैध फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। जिसके कारण अबतक फैक्ट्री के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। वहीं हादसे के बाद अधिकारी जागे और उन्हें फैक्ट्री में सारी खामियां नजर आने लगी।

Anurag GuptaMon, 20 Sep 2021 08:16 PM (IST)
बीकेटी फायर स्टेशन के पास प्लास्टिक फैक्ट्री में अग्निकांड का मामला।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। बीकेटी फायर स्टेशन से मात्र 500 मीटर दूरी पर सालों से बिना एनओसी के चल रही श्री मोल्डिंग इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड प्लास्टिक फैक्ट्री ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया गया है। इलाके में चर्चा है कि फायर स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारियों की मिली भगत से अवैध फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। जिसके कारण अबतक फैक्ट्री के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। वहीं, हादसे के बाद अधिकारी जागे और उन्हें फैक्ट्री में सारी खामियां नजर आने लगी। विभागीय अधिकारी अब संचालक को नोटिस देकर कार्यवाही की तैयारी कर रहे हैं।

दमकल विभाग में सिर्फ नोटिस का खेल : राजधानी में दमकल विभाग के पास नोटिस का बढ़ा खेल है। बीते सालों करीब 100 से अधिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था न होने की विभाग ने नोटिस जारी की थी। अधिकारियों ने नोटिस देकर पल्ला झाड़ लिया और आज भी वहां के हालात नहीं सुधरे हैं। फिर से व्यवसायिक प्रतिष्ठान और इमारतें आग के मुहाने पर हैं। फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है और दमकल विभाग के अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

यह भी यह हुए भीषण हादसे : 

ऐशबाग में हैदरगंज चौराहे के पास स्थित हरियाणा आयल मिल में वर्ष 2017 में भीषण आग, तीन दिन बाद आग बुझी। हरियाणा आयल मिल और कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का सिलिंडर फटने से भी भीषण हादसा हुआ था। मार्च 2016 में अमीनाबाद में मुमताज मार्केट में अग्निकांड। आग पर काबू पाने में दो दिन लग गए थे। करीब 80 दुकानेंं चली थीं। मई 2019 में इंदिरानगर गैस चूल्हा गोदाम में आग, पांच लोगों की जलकर मौत हुई थी। जून 2018 में चारबाग के होटल विराट इंटरनेशनल में आग लगी। छह लोगों की मौत हुई थी। 

'प्लास्टिक फैक्ट्री में हुए अग्निकांड की जांच के आदेश दिए गए हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। फैक्ट्री बिना एनओसी के चल रही थी। इसमें अगर किसी विभागीय अधिकारी और कर्मचारी की मिली भगत पुष्टि हुई तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। मानक के विपरीत चल रहीं करीब 50 इमारतों के खिलाफ न्यायालय मेंं मामला विचाराधीन है।'  -  विजय कुमार सिंह, सीएफओ

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