लखनऊ में कर्मचारियों और शिक्षकों ने उप मुख्यमंत्री और विधायकों को सौंपा मांग पत्र, जानिए क्या है मामला

लंबित मांगों के निराकरण को लेकर राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों ने सोमवार को विधायकों को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक अपनी बातों को पहुंचाने की योजना है। पूरे प्रदेश में तीस सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

Vikas MishraMon, 20 Sep 2021 01:57 PM (IST)
कर्मचारी संघ की मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए

लखनऊ, जागरण संवाददाता। लंबित मांगों के निराकरण को लेकर राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों ने सोमवार को विधायकों को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक अपनी बातों को पहुंचाने की योजना है। पूरे प्रदेश में तीस सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से कर्मचारी और शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। सोमवार को लखनऊ में यह ज्ञापन उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, मध्य विधानसभा सीट से विधायक और कानून मंत्री ब्रजेश पाठक और कैंट क्षेत्र से विधायक सुरेश तिवारी को दिया गया। कर्मचारी नेता विधायकों के घर पहुंचे और अपनी मांगों को उन्हें बताया।

कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्रा और महासचिव शशि मिश्रा ने बताया कि सरकार की उदासीनता से शिक्षकों और कर्मचारियों में निराशा है। सरकार जिला चिकित्सालयों महिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज बनाने के नाम पर लीज पर देने जा रही है जो जनहित में नही है और कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसका कड़ा विरोध होगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि वर्तमान समय कर्मचारियों में निराशा व्याप्त है। इसके साथ ही ठेकेदारी प्रथा और संविदा की स्पष्ट नीति नहीं है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय है।

पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण रोकने सहित विभिन्न कर्मचारी समस्याओं पर 20 से 30 सितम्बर तक प्रदेश के सभी माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रमुख उपाध्यक्ष एवं फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि आज कर्मचारियों की मांग है कि नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन योजना बहाल हो औरठेकेदारी, संविदा समाप्त हो,वेतन व अन्य सुविधाएं केंद्र के समान दी जाए, नेशनल हैल्थ मिशन के कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए विधायकों को मांगपत्र सौंपने के बाद उन से अनुरोध किया गया कि वे मांगों पर अपनी संस्तुति कर मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों को भेजने का काम करें।

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