लखनऊ विकास प्राधिकरण ने दो सौ बाबुओं की आइडी लागिन की बंद, अब हर माह होगी रजिस्ट्री की जांच

रजिस्ट्री आफिस से सत्यापित प्रति मिलने पर उसे रिकार्ड में चढ़ाया जाएगा और आनलाइन भी करने पर विचार किया जाएगा। उद्देश्य होगा कि भ्रष्टाचार किसी भी पहलू पर न हो सके। वहीं कम्प्यूटर पर दर्ज होने वाली संपत्ति को सत्यापित करने के लिए फूल प्रूफ व्यवस्था की गई है।

Rafiya NazWed, 13 Oct 2021 02:00 PM (IST)
एलडीए में शिकंजा कसा हर माह होने वाली रजिस्ट्री की जांच होगी।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए संपत्तियों का हर माह सत्यापन कराएगा। यही नहीं रजिस्ट्री ऑफिस से भी हर माह का ब्योरा प्राधिकरण मंगाने पर सोच रहा है। सचिव लविप्र पवन कुमार गंगवार ने बताया कि यह प्रकिया जटिल जरूर है लेकिन इससे हर माह चीजें साफ हो जाएंगी। रजिस्ट्री आफिस से सत्यापित प्रति मिलने पर उसे रिकार्ड में चढ़ाया जाएगा और आनलाइन भी करने पर विचार किया जाएगा। उद्देश्य होगा कि भ्रष्टाचार किसी भी पहलू पर न हो सके। वहीं कम्प्यूटर पर दर्ज होने वाली संपत्ति को सत्यापित करने के लिए फूल प्रूफ व्यवस्था की गई है।

उधर दो सौ बाबुओं की लागिन व आइडी बंद कर दी गई हैं। प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि अभी तक करीब सवा तीन सौ अफसरों, अभियंताओं व कर्मचारियों की लागिन व आइडी बनी हुई थी। अब सिर्फ सवा सौ आइडी व लागिन ही खुली है। इनमें अफसर व अभियंताओं की है। संपत्ति अधिकारी की आइडी व लागिन से संपत्ति का ब्योरा दर्ज होगा। बाक्स तीन भूखंडों का आवंटन किया निरस्तलविप्रा उपाध्यक्ष ने शहीर पथ से एयरपोर्ट एलिवेटेड को जाने वाली रूट पर आने वाले तीन भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। यह वहीं भूखंड हैं जो तालाब पर काटे गए थे और जिला प्रशासन से एसडीएम ने तालाब पर भूखंड होने की पुष्टि की थी। उधर आवंटियों को उम्मीद है कि न्यायालय से जरूर न्याय मिलेगा।

ट्रांसपोर्ट नगर योजना के चार सौ भूखंडों का आवंटन होगा निरस्त: लखनऊ विकास प्राधिकरण ट्रांसपोर्ट नगर के चार सौ भूखंडों का आवंटन निरस्त करने जा रहा है। क्योंकि इन भूखंडों के स्वामियों ने भूखंडों पर आज तक न तो नक्शा पास कराया और न हीं कोई दस साल बाद भी निर्माण। नियमानुसार भूखंड आवंटित होने के दस साल के भीतर निर्माण करवाना होता है। लविप्रा उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि जवाब आवंटियों के आ रहे हैं, आवंटन निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर योजना देख रहे अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के पास जो आवंटियों के जवाब आ रहे हैं, उनमें किसी ने कोरोना काल में बिगड़ी आर्थिक स्थिति की बात कही है तो किसी ने लेवी से जुड़ी जानकारी न होने की बात कही है, क्योंकि उनके परिजनों ने कई दशक पहले आवंटन कराया था और परिजनों ने लेवी (एक निश्चित अवधि में निर्माण न कराने पर सर्किल रेट का एक फीसद प्रचलित दर देना होता है) की जानकारी नहीं दी। वहीं कुछ ने वाणिज्यिक भूखंड खरीद था और लेवी नाम की चीज से अनभिज्ञता जता दी है।

लविप्रा के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि सभी चार सौ भूखंड निरस्त किए जाएंगे। इसकी प्रकिया चल रही है। अभी कोई भूखंड निरस्त नहीं किया गया है, आवंटियों के जवाब आ रहे हैं। निरस्तीकरण के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नए सिरे से नीलामी के जरिए बेचे जाएंगे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.