Lucknow COVID-19 News: लखनऊ के जज व डाक्टर ने मिलकर बचाई सौ से अधिक कोरोना संक्रमितों की जान

Lucknow COVID-19 News: लखनऊ में अपर जिला जज विनय सिंह लगातार कोविड मरीजों की हरसंभव मदद कर रहे हैं।

Lucknow COVID-19 News लखनऊ में अपर जिला जज विनय सिंह... जिन्होंने कोरोना की इस भीषण त्रासदी में एक डाक्टर की मदद से 100 से अधिक लोगों की जिंदगी बचाई। अभी भी वह लगातार कोविड मरीजों की हरसंभव मदद कर रहे हैं।

Divyansh RastogiFri, 07 May 2021 11:52 AM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। Lucknow COVID-19 News: अदालत में भले ही किसी जज की कलम अपराधियों को मौत की सजा लिखने में तनिक नहीं डगमगाती। मगर वही जज जब आमजनों की जिंदगी बचाने की बात आती है तो वह मदद से भी पीछे नहीं हटते। ऐसे न्यायप्रिय व्यक्ति मानवता को सबसे आगे रखते हैं। उन्हीं में से एक हैं लखनऊ में अपर जिला जज विनय सिंह... जिन्होंने कोरोना की इस भीषण त्रासदी में एक डाक्टर की मदद से 100 से अधिक लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। अभी भी वह लगातार कोविड मरीजों की हरसंभव मदद कर रहे हैं।

विनय सिंह के मुताबिक एक दिन राजधानी में नव नियुक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की पत्नी की तबीयत रात में अचानक बिगड़ गई। सुबह जानकारी मिली की रात में ही उनकी मौत हो गई। सीजेएम का आक्सीजन भी 80 के करीब चल रहा है। उन्हें सांस में दिक्कत हो रही थी। उन्होंने तत्काल एक आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था उनके घर पर ही कराई। इधर वह कोविड कमांड कंट्रोल रूम से लेकर अन्य जगहों पर बेड के लिए भी प्रयास करते रहे। बाद में उन्हें किसी तरह से पीजीआइ में भर्ती करवाया। अब वह स्वस्थ हैं। इसी तरह उनके विभाग से जुड़े परिवारजनों के बारे में ग्रुप पर मदद मैसेज आते रहे। किसी को तत्काल बेड, वेंटिलेटर चाहिए तो किसी को आक्सीजन सिलिंडर व दवाओं की जरूरत रहती। 

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विनय सिंह बताते हैं कि हम सभी को बेड व वेंटिलेटर तो नहीं दिला सकते थे। मगर हमने लोगों के यहां कुछ अन्य का सहयोग लेकर आक्सीजन सिलिंडर पहुंचवाना शुरू किया। दवाओं व परामर्श के लिए गोमतीनगर में क्लीनिक चलाने वाले बालरोग विशेषज्ञ डा. आशीष का सहयोग लिया। जो मरीज होम आइसोलेशन में रहते, उन्हें आनलाइन परामर्श दिलाने के साथ ही कोविड मेडिसिन किट खरीदकर ऐसे लोगों के घर पहुंचाते रहे। 

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मूलरूप से चंदौली निवासी विनय सिंह बताते हैं कि दायरा बढ़ा तो अदालत से जुड़े लोगों के अतिरिक्त अन्य के भी फोन आने लगे। फिर हमने कई सिलिंडर खरीदे कुछ जिनके पास थे, उनसे लेकर इंतजाम किया। अभी भी यह सेवा जारी है। वर्ष 2020 में जब कोविड से लॉकडाउन था तो भी राजधानी के खड़गापुर में उन्होंने करीब दो माह तक लोगों को राशन, पानी इत्यादि की व्यवस्था के लिए सड़क के बगल ही कैंप लगाकर लोगों की मदद की थी। वह वह कहते हैं कि जीवन में मानवीयता से बढ़कर कुछ भी नहीं है। वहीं, डाक्टर आशीष कहते हैं कि हमारी अपनी क्लीनिक में तीन सिलिंडर रिफिल कराकर रखते हैं। अतिरिक्त सिलिंडर भी खरीदे। ताकि लोगों की इसके बगैर जान न जाने पाए।

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