तीन साल की तुलना में बेहतर साबित हुई लखनऊ कमिश्नरेट, जान‍िए आगे क्‍या हैं चुनौत‍ियां

पुलिस आयुक्त ने वर्ष 2021 की चुनौतियों को भी सबके सामने रखा।

पुलिस लाइन में मनाया गया स्थापना दिवस समारोह। जेसीपी कानून व्यवस्था और अपराध ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड। पुलिस आयुक्त ने ई-मालखाना योजना का किया शुभारंभ। पुलिस आयुक्त ने कहा कि मालखाना में जमा सामग्री का यूनिक कोड बनाया जाएगा। इसके जरिए कोर्ट में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सकेगा।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 02:00 PM (IST) Author: Anurag Gupta

लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ कमिश्नरेट ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस दौरान एक साल की रिपोर्ट पेश की गई। तीन साल के तुलनात्मक आंकड़ों में लखनऊ कमिश्नरेट पूर्व की अपेक्षा बेहतर साबित हुई। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 व 2019 की अपेक्षा वर्ष 2020 में न केवल अपराध कम हुए, बल्कि अपराधियों के खिलाफ सर्वाधिक कार्रवाई भी की गई। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने ई-मालखाना योजना का शुभारंभ किया। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विभूतिखंड थाने के मालखाने को ऑनलाइन कर इसकी शुरुआत की गई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि मालखाना में जमा सामग्री का यूनिक कोड बनाया जाएगा। इसके जरिए कोर्ट में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सकेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद सभी थानों में इसे लागू किया जाएगा। इससे पहले संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोरा ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से तीन साल के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में सबसे ज्यादा एनएसए की कार्रवाई लखनऊ पुलिस ने की है। उन्होंने कोरोना काल में किए गए कार्यों का ब्योरा रखा। उन्होंने बताया कि सीएए व एनआरसी, डिफेंस एक्सपो, वीआइपी विजिट और त्योहारों में पुलिस ने बेहतर प्रदर्शन कर कानून व्यवस्था बनाए रखा। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध निलाब्जा चौधरी ने क्राइम से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सार्वजनिक की।

उन्होंने बताया कि तीन साल की तुलना में डकैती, हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म व छेड़छाड़ की घटनाओं में बड़ी मात्रा में कमी दर्ज की गई है। चोरी, लूट व डकैती के मामलों में कमिश्नरेट पुलिस ने 87.79 फीसद बरामदगी की। वहीं वर्ष 2018 में 15.34 और वर्ष 2019 में 28.86 फीसद ही बरामदगी हुई थी। जघन्य मामलों लूट, डकैती व हत्या में कमिश्नरेट पुलिस ने 99.18 प्रतिशत गिरफ्तारी हुई, जबकि वर्ष 2018 व 2019 में 77.98 प्रतिशत आरोपित पकड़े गए थे। खास बात यह है कि इस साल कुल 146 पुरस्कार घोषित अपराधी गिरफ्तार किए गए। इनमें 25 पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए थे।

पहल जो की गई :

महिला हेल्प डेस्क, जागरूकता कार्यक्रम, प्रभावी पैरवी, नमस्ते लखनऊ, जनसुनवाई, पॉलीगन, पिंक बूथ, 112 महिला गश्ती, मिशन शक्ति, साथी प्रोजक्ट, स्वाभिमान, कुटुंब

सम्मानित किए गए पुलिसकर्मी

पुलिस आयुक्त ने एक साल में बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। इनमें आरक्षी, दारोगा, इंस्पेक्टर, एसीपी, डीसीपी जेसीपी कानून व्यवस्था और जेसीपी निलाब्जा चौधरी शामिल हैं।

आगामी चुनौतियां भी बताईं

पुलिस आयुक्त ने वर्ष 2021 की चुनौतियों को भी सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम पर नियंत्रण के लिए पुलिस काम कर रही है। अधिकांश पुलिसकर्मी साइबर अपराध के मामलों की विवेचना के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। ऐसे में इस साल पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे साइबर अपराध के मामलों की विवेचना में तेजी आए और लोगों को ठगी से बचाया जा सके। जेसीपी कानून व्यवस्था ने कहा कि 50 लाख से अधिक की ठगी के मामलों में 45 एफआइआर 251 आरोपितों के खिलाफ दर्ज की गई थी, जिसमें 49 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने अभिसूचना तंत्र की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके अलावा बार्डर सीलिंग स्कीम की समीक्षा करने की बात कही। यातायात को और बेहतर करने के लिए शेष चौराहों पर सिग्नल लगाने की योजना के बारे में बताया। स्थापना दिवस समारोह के दौरान सांस्कृति कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, इसके बाद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक साथ भोजन किया।  

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