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Locust Attack in UP : झांसी के सुखवा डैम क्षेत्र में टिड्डियों ने किया नुकसान, 30% क्षति का अनुमान

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंचे टिड्डी दल ने सुखवा डैम क्षेत्र में करीब 25 हेक्टेयर क्षेत्र में कद्दूवर्गीय फसलों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों द्वारा चौकसी बरतने के बावजूद फसलों में लगभग 30 प्रतिशत क्षति का प्रारंभिक अनुमान है। हवा की दिशा को देखते हुए टिड्डी दलों के मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की आशंका बढ़ती दिख रही है। महोबा जिले में हाई अलर्ट करने के साथ ही हमीरपुर, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, जालौन, कानपुर देहात के अलावा आगरा, मथुरा, सहारनपुर, मुजफ्फनगर, शामली व बागपत आदि जिलों में सतर्क रहने को कहा गया है। एक अन्य टिड्डी दल राजस्थान के करौली से होते हुए मुरैना की ओर बढ़ रहा है।

कृषि निदेशक सौराज सिंह ने बताया कि टिड्डियों के प्रकोप की सूचना समय से मिलने के कारण बचाव के उपाय कर लिए गए थे। इसलिए पहले हमले में अपेक्षाकृत नुकसान कम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि झांसी में भारत सरकार की टीम के सहयोग से अभियान चलाकर लगभग 40 प्रतिशत टिड्डियों को नष्ट कर दिया गया है। जिला प्रशासन से किसानों की फसलों के हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराकर आकलन कराने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन कार्यों में मुस्तैदी के निर्देश : कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सोमवार को सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बचाव तैयारियों की जानकारी ली। जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत धनराशि बचाव कार्यों में व्यय करने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश व जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए है। कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए फायर ब्रिगेड की मदद ली जाएगी। यह कार्य रात्रि 11 से सूर्योदय होने तक किया जाना है। ग्रामीणों को परंपरागत उपाय अपनाने को भी कहा गया है।

आपदा राहत दल गठित : प्रमुख सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य स्तर पर उप निदेशक कृषि रक्षा की अध्यक्षता में आपदा राहत दल का गठन किया गया है। तीन सदस्यीय दल में सहायक निदेशक कृषि रक्षा द्वितीय को सदस्य तथा सहायक निदेशक कृषि रक्षा प्रथम को सचिव नामित किया है। यह टीम कृषि निदेशक के पर्यवेक्षण में कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि जिलों में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित आपदा राहत दल में जनपदीय उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी को सदस्य तथा कृषि रक्षा अधिकारी को सचिव नियुक्त किया गया है। यह टीम जिलाधिकारी की देखरेख में काम करेगी। क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृतनाशी जीवप्रबंधन केंद्र लखनऊ, आगरा व गोरखपुर के तकनीकी विशेषज्ञों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों से भी सहयोग के लिए कहा गया है।

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