यूपी के अधिकतर जिलों में खुल गई शराब की दुकानें, लखनऊ के जिलाधिकारी ने दिया यह आदेश

जिलाधिकारियों के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शराब की दुकानें खोल दी गई हैं।

यूपी के अधिकतर जिलों में शराब की दुकानें खुल गई हैं तो वहीं राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन ने शराब की दुकानों को खोलने के अनुमति नहीं दी है। लखनऊ में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अभी दुकानों को खोलने का निर्देश नहीं दिया गया है।

Umesh TiwariWed, 12 May 2021 01:32 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। जिलाधिकारियों के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। हालांकि, राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अभी दुकानों को खोलने का निर्देश नहीं दिया गया है। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने पिछले दिनों शासन से कोरोना कर्फ्यू के कारण बंद पड़ी दुकानों को खोलने की मांग की थी। 

शासन ने शराब की दुकानों को खोलने का निर्णय जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया था। कई जिलों में जिलाधिकारियों ने शराब दुकानों को खोलने का निर्देश दे दिया है। माना जा रहा है कि राजस्व के नुकसान से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मौर्य ने बताया कि जिलाधिकारियों के निर्देश के क्रम में प्रदेश के ज्यादातर जिलों में शराब की दुकानें खुल गई हैं। 

यूपी के अधिकतर जिलों में शराब की दुकानें खुल गई हैं तो वहीं राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन ने शराब की दुकानों को खोलने के अनुमति नहीं दी है। डीएम व आबकारी कार्यालय ने सूबे के कई जिलों में कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ सशर्त शराब की दुकान खोलने की मंजूरी दे दी थी, जैसे ही मंगलवार को शराब की दुकानें खुली तो वहीं लंबी कतारें भी देखने को मिली।

बता दें कि शासन ने शराब की दुकानें खोलने का निर्णय सभी जिलों डीएम को सौंप दिया था। साथ यह भी निर्देश दिए थे कि जिले में कोरोना संक्रमण के रफ्तार के मद्देनजर इस विषय पर समझदारी पूर्वक निर्णय लिया जाएं। लखनऊ के जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया गया कि राजधानी में कोरोना संक्रमण बहुत ज्यादा फैला हुआ है जिसके चलते आबकारी दुकानों को खोलने की अनुमति नही दी गई है।

बता दें कि शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शराब दुकानों को खोलने की मांग की थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों कहा कि पंचायत चुनाव के पहले से शराब की दुकानें बंद है जिससे रोजाना 100 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शराब की दुकानों को बंद करने के बारे में लाइसेंसधारकों को आबकारी विभाग से कोई आदेश नहीं मिला है। न ही कोरोना कर्फ्यू को लेकर जारी शासनादेश में शराब की दुकानों को बंद करने का कोई उल्लेख किया गया है। उसी के बाद से सूबे के कई जनपदों में शराब की दुकानें खोल दी दी गयी थी।

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