लखनऊ में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थ‍ियों पर लाठीचार्ज, बेसिक शिक्षा निदेशालय में कर रहे थे धरना-प्रदर्शन

लखनऊ में तीन महीने से धरने के बावजूद सुनवाई न होने से परेशान अभ्यर्थियों की एक टुकड़ी अचानक बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय के अंदर पहुंच गई। पुलिस के पहरे में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के कार्यालय में पहुंचने के साथ ही अफरातफरी मच गई।

Anurag GuptaWed, 15 Sep 2021 09:41 PM (IST)
अभ्यर्थियों ने लगाया अभद्रता का आरोप, आधा दर्जन अभ्यर्थी घायल, वीडियो किया वायरल।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। शिक्षक पद पर भर्ती की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। तीन महीने से धरने के बावजूद सुनवाई न होने से परेशान अभ्यर्थियों की एक टुकड़ी अचानक बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय के अंदर पहुंच गई। पुलिस के पहरे में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के कार्यालय में पहुंचने के साथ ही अफरातफरी मच गई। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में हुई 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। इसमें करीब आधा दर्जन अभ्यर्थी चोटिल हुए हैं। अभ्यर्थी एससीईआरटी कार्यालय में शिक्षा महानिदेशक अनामिका सिंह ने मिलना चाह रहे थे। देर शाम पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद महिला अभ्यर्थियों ने धरना खत्म किया।

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 90 दिनों से बेसिक शिक्षा निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। एससीईआरटी स्थित शिक्षा महानिदेशक कार्यालय के निकट पहुंचे तो मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी नहीं रूके। इससे बौखालाई पुलिस ने उन पर लाठी भांजनी शुरू कर दी। पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें करीब आधा दर्जन अभ्यर्थी चोटिल हो गए। पुलिस के जवान जब लाठी भांजने में व्यस्त थे, उसी समय महिला अभ्यर्थी एससीआरटी में घुस गई और वहां पर शिक्षा महानिदेशक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गई। जिन्हें पुलिस नहीं हटा पाई।

अभ्यर्थियों के अनुसार महिला अभ्यर्थी जैसे अंदर गई, शिक्षा महानिदेशक पीछे के दरवाजे से चली गई। महिला अभ्यर्थी शाम तक वहीं पर डटी रही, पर महानिदेशक मिलने नहीं आई। अभ्यर्थियों के अनुसार एसीपी के अनुरोध पर धरना खत्म किया गया। आंदोलित अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। अभ्यर्थियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले दो वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है, जो 68500 और 69000 शिक्षकों की भर्ती हुई है, वह सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने की वजह से हुई है।

सूचना अधिकार से प्राप्त डाटा के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में अब भी डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। पुलिस की ज्यादती से परेशान अभ्यर्थियों ने अभद्रता का वीडियो भी वायरल कर दिया। जिसमे महिला साथी को छुड़ाने के लिए गिड़गिड़ा रही है और पुलिस वाले उसे जबरन खींच रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप भी लगाया है। उनका आरोप है कि पुलिस वालों ने गालियां दी। महिलाएं भी मौजूद रही उनसे भी अभद्रता की।

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