उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी से लाखों घरों की बत्ती गुल, ऊर्जा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी से लाखों घरों की बत्ती गुल, ऊर्जा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

लापरवाही या शरारत में गलत कमांड देने या फिर स्मार्ट मीटर के हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी से उत्तर प्रदेश के लाखों घरों में बुधवार को घंटों बत्ती गुल रही।

Publish Date:Wed, 12 Aug 2020 09:55 PM (IST) Author: Umesh Tiwari

लखनऊ, जेएनएन। लापरवाही या शरारत में गलत कमांड देने या फिर स्मार्ट मीटर के हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी से उत्तर प्रदेश के लाखों घरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन घंटों बत्ती गुल रही। पावर कॉरपोरेशन के शक्तिभवन मुख्यालय से गड़बड़ी हुई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कारपोरेशन के अध्यक्ष को जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। मंत्री ने भविष्य में इस तरह की गलतियां न हों इसके लिए भी जरूरी कार्रवाई करने की हिदायत दी है। इस बीच उपभोक्ता परिषद ने जहां स्मार्ट मीटर वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की वहीं अभियंता संघ ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने के साथ ही संबंधित निजी कंपनी से करार रद करने की मांग की है। वहीं, पूरे प्रकरण में स्मार्ट मीटर का काम देख रही ईईएसएल के स्टेट हेड व एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर को देर रात निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, प्रदेशभर में 10 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं। शक्तिभवन मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम में लगे सर्वर से स्मार्ट मीटर पर निजी कंपनी एलएंडटी और ईईएसएल द्वारा नजर रखी जाती है। बुधवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रदेश के लाखों स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति ठप हो गई जबकि विद्युत उपभोक्ताओं का न बिल बकाया था और न ही देय तिथि गुजरी थी। खासतौर से लखनऊ के अलावा मथुरा, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के उपभोक्ता प्रभावित हुए। परेशान उपभोक्ता, विद्युत उपकेंद्रों पर पहुंचे लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

सूत्रों का कहना कि कंट्रोल रूम में कार्यरत कर्मियों ने शरारत या लापरवाही में गलत कमांड दे दिया जिससे सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर में तकनीकी गड़बड़ी आ गई। इससे जीनस कंपनी के 90 फीसद से अधिक स्मार्ट मीटर से अचानक बिजली आपूर्ति रुक गई। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी से स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हुई लेकिन देर रात तक उसे ठीक कर दिया गया। फिर भी कोई समस्या हो तो वह डिस्कॉमवार हैंडल्स पर टैग कर जानकारी दे दे। गौर करने की बात यह है कि अगर सूबे के सभी लगभग तीन करोड़ उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे होते तो ऐसे में ग्रिड को भी खतरा हो सकता है।

उपभोक्ता परिषद ने मीटर पर उठाए सवाल : अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटर पर ही तमाम सवाल उठाए हैं। परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि पहले ही स्मार्ट मीटर को घटिया बता जांच कराने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यही मीटर हैं जिसकी रीडिंग जंप करने पर ऊर्जा मंत्री ने मीटर लगाने पर रोक लगाने के साथ ही जांच के आदेश दिए थे लेकिन जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। वर्मा ने स्मार्ट मीटर वाली कंपनी को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है।

अभियंता संघ ने की करार रद करने की मांग : उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने एवं संबंधित निजी कंपनियों के करार रद करने की मांग की है। अभियन्ता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह का कहना है कि निजी कंपनियों के कारण ही उपभोक्ताओं के साथ ही अभियंताओं-कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। पावर कॉरपोरेशन के अभियंताओं के पास ट्रिपिंग हो जाने के बाद जोड़ने का अधिकार नहीं है। ऐसे में ट्रिपिंग और आपूर्ति बहाल ना होने की सारी जिम्मेदारी निजी कंपनियों की ही है।

ईईएसएल के स्टेट हेड व एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर निलंबित : अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व कॉरपोरेशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने देर रात बताया कि ईईएसएल के डायरेक्टर प्रोजेक्ट्स वेंकटेश द्विवेदी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ईईएसएल के यूपी स्टेट हेड व एलएंडटी के यूपी में प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की जानकारी दी है। इसके साथ ही एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की है जो पूरे मामले को देखेगी ताकि भविष्य में ऐसा फिर न हो। इस संबंध में ट्वीट भी किए गए हैं।

 

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