लखीमपुर में करंट लगने से मजदूर की मौत, एक की हालत गंभीर; परिवारीजन ने किया प्रदर्शन

कस्बा खीरी के मुहल्ला श्यामलालपुरवा स्थिति प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाले दो मजदूर बिजली के करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। दूसरा मजदूर निजी अस्पताल में भर्ती है।

Vikas MishraSun, 05 Dec 2021 07:15 PM (IST)
मृतक के परिवारीजन और गांव वालों ने चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया

लखीमपुर, संवाद सूत्र। कस्बा खीरी के मुहल्ला श्यामलालपुरवा स्थिति प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाले दो मजदूर बिजली के करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। जबकि दूसरा मजदूर एक निजी अस्पताल में भर्ती है।शनिवार को कस्बा खीरी के श्यामलाल पुरवा स्थिति प्लाईवुड में कोतवाली क्षेत्र के पिपरिया निवासी सुशील (30) व थाना खीरी के गिनहौना निवासी दयाशंकर (40) काम कर रहे थे। काम करते समय दोनो मजदूर बिजली के करंट की चपेट में आ गए।

बताया जा रहा कि उन्हें ट्रांसफार्मर के पास लोहे की सीढ़ी के जरिए 11 हजार लाइन के खंभे पर चढ़ा दिया गया। करंट की चपेट में आने से दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें लखीमपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से रविवार को मजदूर सुशील को लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। सुशील के शव के पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचने से पहले ही परिवार व गांव वालों ने सीतापुर रोड एलआरपी पर शव को रखकर परिवार को मुआवजा दिलाए जाने व प्लाईवुड मालिक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।

इसके बाद शव को लेकर प्लाईवुड पहुंच गए। शव के प्लाईवुड लाने की सूचना मिलते ही सीओ अरविंद कुमार, खीरी थाना इंस्पेक्टर रंधा सिंह व कोतवाली पुलिस मय फोर्स के मौके पर पहुंच गई और मृतक के परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद मृतक मजदूर के परिवार वालों व प्लाईवुड मालिक के समझौता हो गया। समझौते के बाद परिवार वाले शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। सीओ ने बताया कि करंट लगने से मौत हुई है। मामला दुर्घटना का है। परिवारजन ने कोई तहरीर नहीं दी है।

इंस्पेक्टर ने प्रदर्शनकारियों कहे अपशब्दः परिवार वाले व गांव वालों ने सीतापुर रोड एलआरपी पर शव को रखकर प्रदर्शन किया और मजदूर के परिवार को मुआवजा दिलाए जाने व प्लाईवुड मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की बाद में शव लेकर प्लाईवुड पहुंच गए। जहां मौजूद कोतवाली सदर इंस्पेक्टर ने प्रदर्शकारियों के लिए जमकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।

बिजली अधिकारी एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारीः प्लाईवुड फैक्ली में करंट से एक मजदूर सुशील की मौत और एक अन्य मजदूर के गंभीर रूप से जख्मी होने की जानकारी बिजली अधिकारियों को नहीं थी। खीरी पावर हाउस के एसडीओ उग्रसेन ने घटना को रेवही पावर हाउस क्षेत्र का बताया। वहीं दूसरी ओर एसडीओ मनोज कुशमारिया ने बिजली सप्लाई खीरी पावर हाउस से होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। एक मजदूर की मौत पर बिजली अधिकारियों का रवैया बेहद निराशाजनक रहा।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.