कुशीनगर में तैयार UP का सबसे लंबा रनवे वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 20 को PM मोदी करेंगे उद्घाटन

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे लंबा रनवे वाला (3.2 किमी लंबा व 45 मीटर चौड़ा) एयरपोर्ट है। रनवे की क्षमता 8 फ्लाइट (चार आगमन व चार प्रस्थान) प्रति घंटा है। एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि यहां दिन ही नहीं रात में भी उड़ान संभव रहे।

Dharmendra PandeyMon, 18 Oct 2021 06:31 PM (IST)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे।

लखनऊ, जेएनएन। भगवान महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली प्रदेश की कुशीनगर पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का नया रनवे बन बनने को तैयार है। उत्तर प्रदेश का तीसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुशीनगर प्रदेश के सबसे लम्बे रनवे वाला एयरपोर्ट है। पीएम नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ ही मेडिकल कॉलेज का भी लोकार्पण करेंगे।

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे लंबा रनवे वाला (3.2 किमी लंबा व 45 मीटर चौड़ा) एयरपोर्ट है। इसके रनवे की क्षमता 8 फ्लाइट (चार आगमन व चार प्रस्थान) प्रति घंटा है। इस एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि यहां दिन ही नहीं रात में भी उड़ान संभव रहे। इसकी अंतरिम पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग 3600 वर्गमीटर में बनी हुई है और इसकी पीक ऑवर पैसेंजर क्षमता 300 की है। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए पांच मार्च 2019 को उत्तर प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ था। प्रदेश सरकार ने दस अक्टूबर 2019 को इस एयरपोर्ट को एयरपोर्ट अथॉरिटी को हैंडओवर किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर को जिस कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे, उस पर पहली इंटरनेशनल फ्लाइट की लैंडिंग श्रीलंका से होगी। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे का विमान यहां पर लैंड करने के साथ टेक ऑफ भी करेगा। राष्ट्रपति के साथ 25 सदस्यीय प्रतिनधिमण्डल व सौ प्रमुख बौद्ध भिक्षु भी रहेंगे। इसके साथ ही कई देशों के राजदूत भी एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित है। पीएम मोदी प्रधानमंत्री व विदेश से आने वाले अति विशिष्ट अतिथि यहां महात्मा बुद्ध के महापरिनिर्वाण मंदिर भी दर्शन-पूजन करने जाएंगे। इसी दिन से यहां तीन दिनी इंटरनेशनल बुद्धिष्ट कॉन्क्लेव भी शुरू होगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल पर 24 जून 2020 को केन्द्रीय कैबिनेट ने इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित किया। व्यावहारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ान की सभी बाधाएं तब दूर हो गईं जब 22 फरवरी 2021 को डीजीसीए ने इसे लाइसेंस प्रदान किया। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नेपाल, श्रीलंका, जापान, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, सिंगापुर, वियतनाम समेत दर्जनों दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से सीधी एयर कनेक्टिविटी होगी। इससे इन देशों के पर्यटकों, बौद्ध उपासकों को महापरिनिर्वाण स्थली का दर्शन करने में काफी आसानी होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान की इस सेवा से बौद्ध सर्किट के चार प्रमुख तीर्थो लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर व अन्य तीर्थो श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिशा, राजगीर, वैशाली की यात्रा भी पर्यटक कम समय में कर सकेंगे।

पर्यटन से विकास की लैंडिंग

वैश्विक ऐतिहासिक महत्व के बावजूद दशकों तक उपेक्षा और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाला कुशीनगर जिला पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का नया रनवे बनने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संबंधों के साथ पर्यटन का व्यापक विस्तार होगा। पीएम मोदी के साथ 20 अकटूबर को इस एयरपोर्ट के लोकार्पण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे, कई बौद्ध देशों के भिक्षु और दर्जनों देशों के प्रमुख राजनयिक भी मौजूद रहेंगे। पीएम नरेन्द्र मोदी इसी दिन इसी दिन कुशीनगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास कर यहां के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा के साथ चिकित्सा शिक्षा संस्थान का भी उपहार देंगे।

कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान की सेवा से कुशीनगर ही नहीं, समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवेल एजेंसी, गाइड जैसी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी और इन क्षेत्रों में नए लोग रोजगार पा सकेंगे। इमिग्रेशन ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि पांच वर्ष में 18 प्रमुख बौद्ध देशों से 42.17 लाख पर्यटक कुशीनगर आए। अब पर्यटकों को सीधी एयर कनेक्टिविटी मिलने से तो इस संख्या में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि स्वाभाविक लगती है।

निवेश का बड़ा प्लेटफार्म भी तैयार

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तो निवेश के बड़े प्लेटफार्म के रूप में भी तैयार हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से सीधी एयर कनेक्टिविटी होने से बौद्ध देशों से यहां आने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या वहां के उद्यमियों व बड़े व्यापारियों की भी होगी। यहां आकर वह करीब 50 किमी की दूरी पर गोरखपुर एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कों के सुदृढ़ संजाल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट के भी साक्षी बनेंगे।

महापरिनिर्वाण स्थली का दर्शन हर बौद्ध की इच्छा

उत्तर प्रदेश का कुशीनगर जिला तो तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है। बौद्ध अनुयायियों के लिए महातीर्थ। दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले बौद्ध धर्म के हर अनुयायी की इच्छा जीवनकाल में कम से कम एक बार महापरिनिर्वाण स्थली के दर्शन-पूजन की होती है। उनकी इस इच्छापूर्ति में आवागमन की बाधा को केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूरी तरह दूर कर दिया है। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्रियाशील हो जाने से अनेकानेक देशों के बुद्ध के उपासकों को सीधे यहां पहुंचना बेहद आसान हो गया है।

मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास भी करेंगे पीएम मोदी

कुशीनगर के लोगों के लिए 20 अक्टूबर का दिन उपलब्धियों की सौगात वाला दिन होगा। इस दिन यहां पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में भी उन्हें बेहतरीन उपहार मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। प्रदेश का कुशीनगर जिला 2017 के पहले तक इंसेफेलाइटिस से सर्वाधिक प्रभावित इलाका था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्वांचल के मासूमों के लिए मौत का पर्याय रही इस बीमारी पर समन्वित प्रयासों से काबू पाया गया है। करीब 275 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बन जाने पर यहां के लोगों को उच्चीकृत इलाज के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 

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