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Kanpur Police Attack : डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा- दोषी पुलिसकर्मियों पर होगी नजीर कार्रवाई

लखनऊ, जेएनएन। कानपुर में दबिश देने गए सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से छलनी कर फरार हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश में पूरे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट कर दिया गया है। खासकर भारत-नेपाल सीमा व अन्य राज्यों से जुड़े बार्डर पर कड़ी निगाह रखने व चप्पे-चप्पे पर तलाश किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने शनिवार को बताया कि कानपुर में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने गहरी साजिश के तहत हमला किया था। उसे पहले से दबिश की जानकारी थी। उस तक सूचना पहुंचाने में पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से छानबीन कराई जा रही है।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि जो पुलिसकर्मी दोषी मिला, उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराकर नजीर कार्रवाई की जाएगी। उसे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। डीजीपी पूरे प्रकरण में चल रही कार्रवाई की हर पल की जानकारी ले रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से पुलिस टीम पर हमला किया गया था, उससे स्पष्ट है कि यह गहरी साजिश है।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि इससे जुड़े हर पहलू पर पड़ताल की जा रही है। चौबेपुर के एसओ को उनके क्षेत्र मेें इतने अपराधियों के इकट्ठा होने की सूचना नहीं थी। शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने पर एसओ को निलंबित किया गया है। दूसरी ओर पुलिस की 20 से अधिक टीमें विकास व उसके साथियों की तलाश में जुटी हैं। आइजी एसटीएफ अमिताभ यश भी खुद अपनी टीमों के साथ मोर्चा संभाले हैं। बताया गया कि पूरे सर्च ऑपरेशन में करीब तीन हजार पुलिसकर्मियों को जुटाया गया है। एसटीएफ की टीम ने दबिश की सूचना लीक करने में संदेह के घेरे में आए चौबेपुर के पूर्व थानाध्यक्ष विनय तिवारी, दो सिपाहियों व एक होमगार्ड से पूछताछ की है। विकास की कॉल डिटेल की भी पड़ताल की जा रही है।

एडीजी ने शुरू की विकास के सभी मुकदमों की जांच : डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने एडीजी क्राइम केएस प्रताप कुमार को हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के विरुद्ध दर्ज सभी मुकदमों की समीक्षा फाइल करने का निर्देश दिया है। एडीजी श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड समेत सभी मुकदमों में पुलिस की विवेचना, कार्रवाई व कोर्ट में पैरवी के सभी पहलुओं को देखेंगे। यह भी देखेंगे कि कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी मामले में कार्रवाई शेष रह गई हो या पहले कहीं कोई लापरवाही की गई हो। डीजीपी का कहना कि इन मुकदमों की जांच या कार्रवाई में जिन पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई होगी।

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