अयोध्या में बनी देश की पहली धार्मिक मुहर, पत्रों पर छपकर देश-विदेश पहुंचेगी हनुमानगढ़ी की छाप

देश में पहली बार रामनगरी अयोध्या में धार्मिक मुहर बनाई गई है। इसका मकसद अयोध्या और हनुमानगढ़ी की ख्याति को देश-विदेश तक पहुंचाना है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या की ब्रांडिंग की दिशा में इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Dharmendra MishraPublish:Sat, 04 Dec 2021 06:23 PM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 08:21 AM (IST)
अयोध्या में बनी देश की पहली धार्मिक मुहर, पत्रों पर छपकर देश-विदेश पहुंचेगी हनुमानगढ़ी की छाप
अयोध्या में बनी देश की पहली धार्मिक मुहर, पत्रों पर छपकर देश-विदेश पहुंचेगी हनुमानगढ़ी की छाप

अयोध्या, जागरण संवाददाता। : देश में पहली बार रामनगरी अयोध्या में धार्मिक मुहर बनाई गई है। इसका मकसद अयोध्या और हनुमानगढ़ी की ख्याति को देश - विदेश तक पहुंचाना है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या की ब्रांडिंग की दिशा में इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी तक इससे पहले देश में कहीं भी धार्मिक मुहर नहीं बनाई गई है।

शनिवार को हनुमानगढ़ी के चित्रमय मुहर का प्रधान डाक घर में स्थानीय सांसद सांसद लल्लू सिंह और हनुमानगढ़ी के संत व संकट मोचन सेना के प्रमुख संजय दास ने विमोचन किया। अब अयोध्या के हनुमानगढ़ी से आने-जाने वाले सभी पत्रों में लगने वाले टिकट पर यही हनुमानगढ़ी की मुहर लगाई जाएगी। इसमें मुहर लगाए जाने की तारीख भी मुद्रित रहेगी। इससे हनुमानगढ़ी और अयोध्या का वैभव अपने देश समेत विश्व के मानस पटल तक पहु्ंचाया जा सकेगा।

अब कोई भी सरकारी अथवा गैर सरकारी पत्र बगैर हनुमानगढ़ी की मुहर लगे आगे नहीं भेजा जाएगा। सामान्य पत्रों से लेकर, स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री समेत सभी जगहों पर मुहर का इस्तेमाल किया जाना जरूरी कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी स्वयं अयोध्या की संस्कृति और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। अयोध्या में होने वाली समस्त छोटी-बड़ी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पैनी नजर है। अयोध्या में किया जा रहा सांस्कृतिक उपनगरी का विकास भी इसी दिशा में उठाया जा रहा विशेष कदम है। इसके जरिये भी अयोध्या की पहचान और संस्कृति से देश-दुनिया को अवगत कराने की कोशिश होगी।

अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर पीएम मोदी और सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। केंद्र और राज्य सरकार ने इसीलिए अयोध्या की पहचान वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अंतरराष्ट्रीय बस स्टेशन और सभी प्रमुख देशों के दूतावास बनाए जाने की दिशा में अभी से मैराथन प्रयास शुरू कर दिया है। इन सभी के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।