लखनऊ में होटल-लॉन और बैंक्वेट हॉल 13 तक फुल, 16 दिन में दांपत्य सूत्र में बंधेंगे 30 हजार जोड़े

यूपी होटल एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी श्याम कृश्नानी के मुताबिक 13 दिसंबर तक सभी प्रमुख होटल फुल हो चुके हैं। सर्दी के बावजूद बैंक्वेट हाल और खुले लान तक में स्थान नहीं हैं। एक ही लान को दो हिस्सों में बांट कर शादियां की जा रही हैं।

Anurag GuptaFri, 26 Nov 2021 07:05 PM (IST)
शादियों के नए चलन का बढ़ा जोर, थीम आधारित हो रहे वेडिंग प्लान।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। एक दौर की सहालग निपटने के बाद अब वैवाहिक समारोह का दूसरा चरण 28 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। 16 दिन के दूसरे चरण में करीब 30 हजार जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधेंगे। बाजारों में बढ़ती निरंतर रौनक ने कारोबारियों को एक बार फिर मुस्कुराने का मौका दिया है। होटल हो या लान अथवा बैंक्वेट हाल सब 13 दिसंबर तक सब बुक हैं। वहीं, थीम आधारित शादियां होने से भी खरीदारी के चलन में भी बदलाव दिख रहा है। पिछले दो वर्षों से थमे होटल कारोबार के लिए यह सहालग संजीवनी देने वाली है।

13 दिसंबर तक होटल, लान व बैंक्वेट हाल फुल : यूपी होटल एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी श्याम कृश्नानी के मुताबिक 13 दिसंबर तक सभी प्रमुख होटल फुल हो चुके हैं। इतना ही नहीं सर्दी के बावजूद बैंक्वेट हाल और खुले लान तक में स्थान नहीं हैं। आलम यह है कि एक ही लान को दो हिस्सों में बांट कर शादियां की जा रही हैं। लखनऊ आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय कनौजिया ने बताया कि किसी भी लान में स्थान नहीं है। ज्यादातर लोगों ने अग्रिम बुकि‍ंग करा रखी है।

होटल, लान और बैंक्वेट हाल की संख्या

ए और बी ग्रेड के प्रमुख होटल - 100 होटल के लान- 150 बैंक्वेट हाल-1,000 से 1,200 खुले लान-1,200 से 1,300

हल्की शेरवानी और सूट का कारोबार अधिक : कारोबारी एवं कपड़ा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोतियानी बताते हैं कि बिक्री बढिय़ा है। इस बार आठ हजार से 15 हजार के बीच की कीमत की शेरवानी व सूट की खरीदारी ज्यादा हो रही है।

चमकता सराफा बाजार व कुंदन पोल्की सेट लोगों की बनी हुई है पसंद : लखनऊ सराफा के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि सहालग में सराफा बाजार डेढ़ से दोगुना हो चुका है। औसतन रोज 15 से 20 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। एंटीक फिनिश ज्वेलरी की मांग अधिक है। दो लाख से 10 लाख की कीमत की पोल्की सेट की खरीदारी की जा रही है। सिद्धार्थ जैन बताते हैं कि डायमंड व जड़ाऊ सेट के खरीदार अधिक हैं। देखने में भारी लगने वाले स्वर्ण आभूषणों की मांग भी जोरों पर है।

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