Covid-19 Third Wave : लखनऊ में अस्पताल अलर्ट, पीडियाट्रिक वार्ड तैयार; जानें किस हास्पिटल में हैं कितने बेड

लखनऊ के अस्पतालों में पीडियाट्रिक वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इस क्रम में केजीएमयू में 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बन गया है। एसजीपीजीआइ लोहिया संस्‍थान लोकबंधु अस्‍पताल के साथ-साथ बलरामपुर अस्पताल के लिए भी गाइडलाइन तय की गई है।

Mahendra PandeyWed, 23 Jun 2021 11:14 AM (IST)
लखनऊ के अस्‍पतालों मेंं पीडियाट्रिक वार्ड बन कर तैयार हैं

लखनऊ, जेएनएन। कोरोना की संभावित तीसरी लहर और उसमें बच्चों पर अधिक खतरे को लेकर अब तक कोई ठोस प्रमाण नहीं, पर फिर भी अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं। अस्पतालों में पीडियाट्रिक वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। केजीएमयू में 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बन गया। एसजीपीजीआइ, आरएमएल, लोकबंधु के साथ-साथ बलरामपुर अस्पताल के लिए भी गाइडलाइन तय की गई।

डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में पहले से ही मौजूद पीडियाट्रिक वार्ड को कोविड को लेकर पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। वार्ड में दस बेड हैं। सभी में वेंटिलेटर लगे हैं। निदेशक सुभाष चंद्र सुंद्रियाल ने बताया कि जरूरत पड़ेगी तो और बेड बढ़ा दिए जाएंगे। स्टाफ नर्स का प्रशिक्षण पूरा कर दिया है। 15 स्टाफ पीडियाट्रिक वार्ड के लिए तैयार किए गए हैं। फिलहाल, रूटीन मरीजों में जिन बच्चों को वेंटिलेटर की जरूरत है, उन्हें हम भर्ती कर रहे। इस समय तीन ऐसे बच्चे भर्ती हैं। तीनों नॉन कोविड हैं। अगर बच्चों के मामले बढ़ते हैं तो वार्ड को पूरी तरह खाली कर, सिर्फ कोविड के मामले ही लेंगे।

उधर, बच्चों के पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर और तमाम तरीके के सुंदर चित्रों का प्रयोग बलरामपुर अस्पताल में पीडियाट्रिक वार्ड को आकर्षक बनाने में किया जा रहा। यहां 50 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल के निदेशक डा. संतोष पांडेय ने बताया कि अभी तैयार हालत में 24 बेड हैं, हम आगे चलकर बेडों की संख्या ज्यादा कर देंगे। सब कुछ सही रहा तो तीन से चार दिन में पीडियाट्रिक वार्ड शुरू हो जाएगा। सोमवार को डीएम अभिषेक प्रकाश ने बड़े अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और पीडियाट्रिक वार्डों की अब तक की तैयारियों की समीक्षा की।

केजीएमयू : 100 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड की तैयारी है। 50 बेड पीआइसीयू और एनआइसीयू के होंगे और शेष आक्सीजनयुक्त बेड होंगे। मैनपावर और लाजिस्टिक की उपलब्धता है।

एसजीपीजीआइ : 50 पीआइसीयू और एनआइसीयू बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनाया जा रहा है। एवं स्टाफ और लाजिस्टिक की भी कोई समस्या नहीं है।

लोहिया संस्‍थान : 50 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। जिसमें  30 बेड पीआइसीयू और एनआइसीयू और 20 आक्सीजनयुक्त बेड होंगे। उपकरण और लाजिस्टिक उपलब्ध है। सीनियर रेसिडेंट की कमी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

एरा मेडिकल कालेज : यहां 30 बेड के पीआइसीयू और एनआइसीयू बेड की व्यवस्था की जा रही है। डीएम ने अस्पताल को 100 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्था करने को कहा है। इसमें 50 बेड पीआइसीयू और एनआइसीयू और 50 आक्सीजनयुक्त बेड हो।

बलरामपुर अस्‍पताल : यहां 50 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड लगभग तैयार है। जिसमें 20 पीआइसीयू और एनआइसीयू और 30 आक्सीजनयुक्त बेड होंगे। हास्पिटल में एलएमओ प्लांट की व्यवस्था हो रही है।

लोकबंधु अस्पताल : यहां पर 100 बेड के पीडियाट्रिक एवं मेटरनिटी वार्ड बनकर तैयार है। जिसमें 30 पीआइसीयू और एनआइसीयू बेड और 70 आक्सीजनयुक्त बेड हैं। मेडकिल स्टाफ, लाजिस्टिक, उपकरण आदि सभी की व्यवस्था हो गई है।

शाम तीन से पांच बजे बताया जाएगा मरीजों का हाल : प्रतिदिन तीन से पांच बजे के बीच में भर्ती मरीज का हाल तीमारदार को बताना आवश्यक होगा। अस्पताल अनिवार्य रूप से अपने यहां सीसी कैमरे लगाएं और उसकी लाइव फीड इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में उपलब्ध कराएं।

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