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गर्भवती के इलाज में लापरवाही पर क्‍लीन‍िक में छापा, चल रहा था गर्भपात का धंंधा

लखनऊ, जेएनएन।  राजधानी में गर्भपात का अवैध धंधा चल रहा है। शहर से लेकर गांव तक चोरी-छिपे खेल चल रहा है। प्रशिक्षित डॉक्टर से लेकर झोलाछाप तक गैरकानूनी काम में लिप्त हैं। शनिवार को माल क्षेत्र में गर्भवती के इलाज में लापरवाही की शिकायत पर छापेमारी की गई। इस दौरान गर्भपात के धंधे का पर्दाफाश हुआ।

माल के अहिडर गांव निवासी नन्हकी (34) गर्भवती हैं। सुबह सात बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। पति नन्हके पत्नी नन्हकी को सीएचसी ले जाने के लिए गांव में वाहन की तलाश कर रहे थे। इसी दरम्यान गांव में क्लीनिक चला रहीं गोड़वा निवासी नीतू वर्मा स्टाफ के साथ पहुंची। उसने नन्हकी में सामान्य तकलीफ बताकर खुद की क्लीनिक में भर्ती कर लिया। इंजेक्शन लगाकर कुछ देर में ठीक होने का हवाला दिया।

सात हजार वसूले, हालत बिगड़ी

इंजेक्शन लगाने की बाद नन्हकी की हालत बिगड़ गई। इस दौरान अन्य इलाज शुरू किया। आरोप है करीब सात हजार रुपये वसूल लिए, मगर हालत सुधरने के बजाय नन्हकी के रक्तस्राव होने लगा। ऐसे में घबराई छोलाछाप डॉक्टर नीतू ने दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद परिवारीजन हंगामा करने लगे। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस को जानकारी दी। मौके पर सीएचसी अधीक्षक व पुलिस पहुंची।

किट-दवा जब्त, हिरासत में झोलाछाप

माल सीएचसी अधीक्षक डॉ. केडी मिश्रा के मुताबिक छापेमारी में क्लीनिक पर गर्भपात की किट व उपकरण मिले। इन्हें जब्त कर लिया गया। इसके अलावा तमाम दवाइयां व इंजेक्शन बरामद किए गए। कथित डॉक्टर नीतू वर्मा क्लीनिक का पंजीकरण व कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखा सकीं। क्लीनिक को सील कर दिया गया है। मुकदमा लिखने के लिए पुलिस को पत्र दिया गया। नीतू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं 108 एंबुलेंस की मदद से मरीज को क्वीनमेरी भेज दिया गया।

 

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