लखनऊ में अस्तित्वहीन फर्मों से जीएसटी चोरी का खेल, सचल दस्तों ने पकड़े स्क्रैप से भरे छह ट्रक

ज्वाइंट कमिश्नर संजय कुमार और जेसी अखिलेश कुमार सिंह की टीम ने अलग-अलग मार्गों से रेकी कर छह ट्रकों को पकड़ा। इन पर 31.95 लाख रुपये का आयरन स्क्रैप लदा था। बिना कागजात के स्क्रैप देख सचल दस्ते ने जांच शुरू की।

Anurag GuptaFri, 24 Sep 2021 06:05 PM (IST)
जिस फर्म से भेजा गया माल उनमें से किसी का अता-पता नहीं, 31.95 लाख का माल।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। पान मसाला, मेंथा ऑयल के बाद जीएसटी के सचल दस्ते ने रेकी कर आयरन स्क्रैप के छह ट्रक पकड़े हैं। इनमें बिना कागजात के करीब 30 लाख से अधिक का स्क्रैप मिला है। दिलचस्प यह है कि जिन फर्मों से लोडिंग दिखाई गई वह सभी अस्तित्वहीन मिलीं हैं। करीब दस लाख से अधिक की जीएसटी चोरी का राजफास हुआ है।

ज्वाइंट कमिश्नर संजय कुमार और जेसी अखिलेश कुमार सिंह की टीम ने अलग-अलग मार्गों से रेकी कर छह ट्रकों को पकड़ा। इन पर 31.95 लाख रुपये का आयरन स्क्रैप लदा था। बिना कागजात के स्क्रैप देख सचल दस्ते ने जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान इन सभी ट्रकों में एक चीज कामन दिखी जिन फर्मों से माल लोडिंग दिखाई गई थी उनका वजूद ही नहीं था। इन सप्लायर कंपनियों ने बहराइच, फतेहपुर और गैर राज्य की आयरन निर्माता फर्मों को माल बेचा जाना दिखाया गया था। कागजात न होने पर ट्रकों को जीएसटी कार्यालय ले आया गया। स्क्रैप ला रहे पकडे़ गए ट्रकों की संख्या क्रमश: बीआर09जीए-8397, यूपी78बीएन-5535, यूपी41एटी-5907, यूपी78बीएन-8391, यूपी78एटी-9377, यूपी41एटी-5905 है। इन सभी से करीब 11.48 लाख रुपये की का जुर्माना लगाया गया है। टैक्स चोरी का धनराशि सरकारी खाते में पहुंच गई है।

फर्जी फर्मों से सरकार को लगाया जा रहा है चूना : करापवंचन में लगातार फर्जी फर्मों के सहारे माल आपूर्ति किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। बीते एक पखवारे के दौरान भारी मात्रा में आयरन स्क्रैप पकड़ी गई। इनमें लाखों की कर चोरी सामने आई है। ज्वाइंट कमिश्नर एके सिंह के मुताबिक बिना वैध प्रपत्रों के लाखों का खेल सामने आया है। जीएसटी और जुर्माना जमा करा लिया गया है।

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