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मिलिए मौत के सौदागरों से, अंतिम संस्कार के लिए 15 से 20 हजार का पैकेज; फ्रीजर में शव रखने का ये है रेट

लखनऊ: मानवीय संवेदनाओं का गला घोंटकर जेब गर्म करने में लगे अंतिम क्रिया के सामान का सौदा करने वाले।

लखनऊ आपदा में अवसर तलाश रहे मौत के सौदागर। मानवीय संवेदनाओं का गला घोंटकर जेब गर्म करने में लगे अंतिम क्रिया के सामान का सौदा करने वाले। फ्रीजर में शव रखने से लेकर अंतिम क्रिया तक। सभी के लिए बुक हो रहा पैकेज।

Divyansh RastogiThu, 13 May 2021 07:30 AM (IST)

लखनऊ [सौरभ शुक्ला]। अब तक आपने शादी, मुंडन और तिलक व अन्य समारोहों के लिए गेस्ट हाउस, गाड़ियों की व्यवस्था, खानपान, नाश्ते समेत अन्य पैकेज बुक होने की बात तो सुनी और देखी है होगी। लेकिन कोरोना काल अंतिम संस्कार के लिए भी पैकेज बुक हो रहे हैं। जी, हां...अंतिम क्रिया का सामान बेचने वाले दुकानदार सामान देने के साथ-साथ अब अस्पताल से घर और फिर घाट तक ले जाने का पूरा पैकेज बुक कर रहे हैं। राजधानी लखनऊ के डालीगंज चौराहे पर स्थित अंतिम क्रिया का सामान बेच रहे कई दुकानदार यह पैकेज ऑफर करते दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम क्रिया के नाम पर वह अपने परिवारीजनों का गम सीने में दबाए सिसकियां भर रहे लोगों की जेब खाली करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शवों का अंतिम संस्कार कराने में भी वसूली कर रहे इन लोगों की मानवीय संवेदनाएं मर चुकी हैं। वह आपदा में अवसर को भी भुनाने में लगे हैं। मानों  इस समय की कमाई से ही इन दुकानदारों का सारा जीवन अच्छे से कट जाएगा। बुधवार को यह राजफाश दैनिक जागरण के स्ट्रिंग ऑपरेशन में हुआ। जागरण के पास दुकानदार और अंतिम क्रिया का ठेला लेने वाले सनी से बातजीत के साक्ष्य का वीडियो भी है। वहीं, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी आंखे मूंदे हुए हैं।

समय: दोपहर 02: 39 बजे

स्थान:  डालीगंज चौराहे से कमकामेश्वर मंदिर मार्ग स्थित सनी की दुकान

रिपोर्टर- बड़े भइया की कोविड से मृत्यु हो गई है। उनका अंतिम संस्कार होना है।

दुकानदार सनी- शव कहां है? और क्या-क्या चाहिए?

रिपोर्टर- शव ऐशबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है। अंतिम संस्कार कल होगा। भइया का बेटा बाहर रहता है, वो भी आ जाएगा। तबतक के लिए फ्रीजर भी चाहिए शव रखने के लिए।

दुकानदार सनी- सब व्यवस्था हो जाएगी। फ्रीजर से लेकर अंतिम संस्कर तक के अलग-अलग रेट होंगे।

रिपोर्टर- ठीक है भइया सब दे देंगे। एक तो महामारी और दूसरी मजबूरी है हमारी।

दुकानदार सनी-  घर कहां है? पहले तो अस्पताल से शव घर जाएगा? 

रिपोर्टर- जी, भइया अस्पताल से एक किमी दूर करीब घर है।

ध्यान से सुनें रेट: 

फ्रीजर - 4500 से पांच हजार रुपये।

अस्पताल से शव घर ले जाने के लिए - 1500 रुपये 

अंतिम क्रिया का सामान-  छह से सात हजार रुपये के बीच होगा। (रार और घी अगर ज्यादा लगा तो उसका चार्ज अलग से होगा)

शव घर से घाट तक ले जाने और फिर घर पर लोगों को छोड़ने के लिए - 2500 से 3000 रुपये।

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