सीएम ने लौकी के साथ फोटो खिंचवाई है, मेरी कद्दू के साथ खींचो

लखनऊ, जेएनएन। राजभवन में रंग-बिरंगे फूल, फल और सब्जियों की नायाब किस्में देखने के लिए रविवार को मानों पूरा शहर ही उमड़ा आया हो। कोई भारी-भरकम 40 किलो के कद्दू तो कोई पांच फिट की लौकी के साथ अपनी फोटो कैमरे व स्मार्ट फोन पर सेल्फी लेकर कैद करने में जुटा हुआ था। विशिष्ट फल ड्रैगन फ्रूट को देखने के लिए तो मजमा लगा हुआ था। भीड़ देखकर उत्साहित राज्यपाल राम नाईक ने भी कहा कि प्रदर्शनी में भीड़ देखकर कुंभ का नजारा याद आ रहा है।

मौका था राजभवन में आयोजित दो दिवसीय प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के समापन समारोह का। मगर भीड़ के मद्देनजर राज्यपाल ने इसे 15 दिन और बढ़ाने का फैसला लिया। अब 25 फरवरी से लेकर 11 मार्च तक दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक लोग इसका अवलोकन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने साथ फोटो युक्त पहचान पत्र लाना होगा। कार्यक्रम में राजभवन उद्यान ने सभी 48 कैटेगरी में सर्वाधिक पुरस्कार जीते। वहीं विशिष्ट फल ड्रैगन फ्रूट को ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ किस्म का पुरस्कार मिला।

कार्यक्रम के समापन समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने विजेताओं को ट्राफियां प्रदान की। सर्वाधिक पुरस्कार अर्जित करने पर राजभवन उद्यान को सात हजार रुपये का नकद पुरस्कार व ट्राफी दी गई। राजभवन के ही उद्यान की औषधि वाटिका 100 वर्ग मीटर की श्रेणी में प्रथम रही। इसके लिए राजभवन के प्रभारी चिकित्साधिकारी आयुर्वेद डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।

सर्वोत्तम फल ड्रैगन फ्रूट के लिए संतोषगढ़ मिर्जापुर के किसान अजय कुमार सिंह को तीन हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया व स्व. जंग बहादुर सिंह मेमोरियल कप दिया गया। सर्वश्रेष्ठ गुलाब के लिए एचएएल फैजाबाद के अपूर्व राय को और कलात्मक पुष्प सज्जा वर्ग में नगर निगम की टीम सर्वश्रेष्ठ रही। यह पुरस्कार नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने लिया।

इस बार प्रदर्शनी में कुल 1512 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर 5407 फल, फूल व सब्जियों की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण व जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि इस भीड़ को देखते हुए मैं राज्यपाल जी से मांग करता हूं कि अगले वर्ष इसे कहीं और बड़े स्थान पर आयोजित किया जाए। कार्यक्रम में भीड़-भाड़ के बावजूद कोई दिक्कत न होने के लिए राजभवन के सुरक्षा अधिकारी जफर अब्बास नकवी को भी सम्मानित किया गया।

लेफ्टिनेंट अभय कृष्णा के घर की बगिया सबसे खूबसूरत

200 से लेकर 500 वर्ग मीटर की गृह वाटिका श्रेणी में 27 कस्तूरबा मार्ग में रहने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने पहला पुरस्कार जीता। वहीं एक हजार वर्ग मीटर की श्रेणी में ओम प्रकाश सिंह, आवास डीजीपी एक तिलक मार्ग को आदर्श नर्सरी रनिंग शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। वहीं सदाबहार पत्ती वाले तथा अन्य गमलों की प्रतियोगिता में भोला नर्सरी के ओम प्रकाश लोधी को श्रीमती ओएल बंसल चल वैजंती कप प्रदान कर रहा है। वहीं कार्यक्रम में कलात्मक पुष्प साज-सज्जा प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी जिसमें प्रशांत सिंह, निशांत पटेल, रिश्मीत कौर, अनुवी केसरवानी और रिदिया त्रिपाठी आदि को पुरस्कृत किया गया।

सर्वश्रेष्ठ पार्क सआदत अली खां का मकबरा उद्यान

कैसरबाग में स्थित सआदत अली खां का मकबरा स्थित पार्क को प्रदर्शनी में सर्वश्रेष्ठ पार्क का पुरस्कार दिया गया। फूलों से बनी आकृतियों के वर्ग में जन शिक्षण संस्थान को श्री राज्यपाल चल वैजन्ती प्रदान की गई। वहीं प्राचीन स्मारकों की श्रेणी में बड़ा एवं छोटा इमामबाड़ा अव्वल रहे।

अगले साल मुझे बुलाएं, मैं आऊंगा जरूर

कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह पांचवा वर्ष इस प्रदर्शनी को मेरे नेतृत्व में आयोजित किया गया। अब जुलाई 2019 में मेरा कार्यकाल खत्म हो रहा है, ऐसे में अगली बार जो भी राज्यपाल बनें वह मुझे बुलाए तो मैं आऊंगा जरूर।

लौकी नहीं, कद्दू के साथ खींचे मेरी फोटो

यही नहीं प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान फोटो जर्नलिस्ट राज्यपाल से मांग करने लगे कि वह पांच फिट की लौकी के साथ अपनी फोटो खिंचवाएं। उन्होंने कहा कि कल सीएम की फोटो लौकी के साथ खींची थी वह आज छपी है। ऐसे में मेरी फोटो 40 किलो के कद्दू के साथ खींचो तो अच्‍छा रहेगा।

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