Lucknow COVID-19 News: जमा पूंजी खत्म, कोरोना से पीड़ित बेटे की जान बचाने पूर्व सैनिक पिता ने सीएम योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार

लखनऊ में पूर्व सैनिक घर गिरवी रखने को मजबूर हैं पिता वेंटिलेटर पर हुआ 25 साल का जवान बेटा।

सेना में रहकर जीवन भर मातृभूमि की रक्षा करने वाला जांबाज पिता अपने बेटे की बिगड़ती हालत पर टूट गए। जवान बेटे को कोरोना हो गया। पहले हर्षित और फिर चंदन अस्पताल में इलाज के दौरान सारी जमा पूंजी खत्म हो गई।

Rafiya NazTue, 18 May 2021 06:10 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। सेना में रहकर जीवन भर मातृभूमि की रक्षा करने वाला जांबाज पिता अपने बेटे की बिगड़ती हालत पर टूट गए। जवान बेटे को कोरोना हो गया। पहले हर्षित और फिर चंदन अस्पताल में इलाज के दौरान सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। कोरोना ने बेटे की किडनी पर बुरा असर डाला। जिस कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। इस महंगे इलाज के लिए अब पिता के पास कुछ नही बचा। एक छोटा सा घर है जिसे बेचने पर वह विवश हैं। पिता ने सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर सोनू सूद तक से मदद की गुहार लगाई है।

पूर्व सैनिक बालाजी त्रिपाठी के बेटे अभिषेक त्रिपाठी (25) का वर्ष 2016 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। अभिषेक 10 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए। उनको  15 अप्रैल को फेफड़े के 75 प्रतिशत तक संक्रमित होने और ऑक्सीजन लेवल कम होने सहित कई दिक्कतों के बाद किसी तरह  हर्षित अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि इस अस्पताल में 27 अप्रैल को अभिषेक की तबियत और बिगड़ने लगी। सांस लेने में दिक्कत हुई तो उन्होंने किसी अच्छे लेवल 3 के कोविड अस्पताल में बेड की गुहार लगाई।।पिता दो दिन सीएमओ कोविड कमांड सेंटर से बेटे को किसी अच्छे अस्पताल में शिफ्ट करने की गुहार लगाते रहे। लेकिन 29 अप्रैल को अभिषेक को चंदन अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पांच मई की अभिषेक की रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। जिसपर अभिषेक को छह मई को नॉन कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया।  लेकिन इलाज के दौरान अभिषेक की किडनी पर बुरा असर पड़ा। रेस्पेटरी सिस्टम फेल होने पर अभिषेक को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है।

अब तक पूर्व सैनिक पिता ने अपनी सारी जमा पूंजी और रिश्तेदारों से मदद लेकर 20 लाख रुपए अभिषेक के इलाज में लगाये हैं। अब पिता ने सीएम से गुहार लगाते हुए सोशल मीडिया पर उनके नाम एक पत्र भी दिया है। जिंसमे कहा है कि मेरे बेटे की जिंदगी बचा लीजिए। मेरे पास अब कुछ भी नही है।।एक घर है जिसे बेचने पर विवश हु। इस पत्र के बाद कुछ लोगों ने पिता के मोबाइल नंबर 9971855921 पर सम्पर्क किया लेकिन इलाज की मदद अभी तक नही मिल सकी है। 

 

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