उत्तर प्रदेश टेनीकोइट एसोसिएशन का गठन, मंत्री जैकी बने अध्यक्ष; सैयद रफत होंगे महामंत्री

यूपी में भी अब टेनीकोइट (रिंग टेनिस) को आगे बढ़ाया जाएगा। इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उत्तर प्रदेश टेनीकोइट एसोसिएशन का गठन किया गया है। कारागार व लोक सेवा प्रबंधन मंत्री जय कुमार सिंह जैकी को एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया है।

Vikas MishraThu, 29 Jul 2021 10:32 AM (IST)
मंत्री जैकी ने कहा, युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में भी अब टेनीकोइट (रिंग टेनिस) को आगे बढ़ाया जाएगा। इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उत्तर प्रदेश टेनीकोइट एसोसिएशन का गठन किया गया है। कारागार व लोक सेवा प्रबंधन मंत्री जय कुमार सिंह जैकी को एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया है। जैकी ने बुधवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में पत्रकारों को बताया कि हर गांव में मनरेगा के तहत खेल का मैदान विकसित कराए जाने की योजना है। जहां युवा अपने पसंदीदा खेलों में महारथ हासिल कर सकें।

युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जैकी ने कहा कि टेनीकोइट की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भी कराई जाएगी, जिससे इस खेल से यूपी के खिलाड़ी व खेल प्रेमी परिचित हो सकें। नवगठित एसोसिएशन में प्रवीण कुमार ओझा, निगहत खान, आलोक द्विवेदी, मनीष कक्कड़ व विकास शुक्ला को उपाध्यक्ष, डा.सैयद रफत जुबैर रिजवी को महामंत्री, रविकांत मिश्रा, दीपक राठी, आनंद पांडेय, सुमित कुमार सिंह अंजनी सिंह, रोशन अग्रवाल को संयुक्त सचिव तथा सुधा वाजपेयी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी व सदस्य भी बनाए गए हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डा. आनन्देश्वर पांडेय ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किए।

दक्षिण भारत में अधिक लोकप्रिय है यह खेलः टेनीकोइट फेडरेशन आफ इंडिया के महासचिव तेजराज सिंह ने बताया कि वर्तमान में 22 से अधिक राज्यों में रिंग टेनिस खेला जा रहा है। यह खेल दक्षिण भारत में अधिक लोकप्रिय है। इस खेल का राष्ट्रीय फेडरेशन 1960 में बना था और 1979 में इसे भारत सरकार से मान्यता मिली थी। वर्ष 2006 में इसे स्कूल गेम्स फेडेरेशन आफ इंडिया ने मान्यता दी थी। इस खेल की शुरुआत नाविकों ने की थी। भारत में इस खेल को रिंग टेनिस व रिंग बाल के नाम से भी जाना जाता है। करीब 17 देशों में खेले जाने वाले इस खेल की चार साल में विश्व प्रतियोगिता भी होती है। बैडमिंटन की तरह बने कोर्ट में एक रिंग के जरिये इसे खेला जाता है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.