Flood Alert in UP: सीतापुर में घाघरा में समा गए पांच घर, बहाराइच; बाराबंकी और लखीमपुर में भी कटान जारी

गोंडा सीतापुर लखीमपुर बाराबंकी आदि जिले में भी नदियां रौद्र रूप धारण कर रही हैं। नदियों के किनारे कटान जारी है और अब तक कई के घर नदी में समा गए हैं। कई जिलों में लोगों ने सुरक्षित स्‍थानों पर पलायन शुरू कर दिया है।

Mahendra PandeySun, 20 Jun 2021 04:37 PM (IST)
यूपी के जिलों में नदियों की कटान जारी

लखनऊ, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश में नदियां विकराल रूप धारण कर रही हैं। तराई जिलों में पहाड़ी नदियों का पानी आने से नालों के साथ नदियां भी उफना रही हैं। बहराइच में नेपाली नदियों से लगातार बैराजों के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में वहां का जलस्‍तर प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। गोंडा, सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी आदि जिले में भी नदियां रौद्र रूप धारण कर रही हैं। नदियों के किनारे कटान जारी है और अब तक कई के घर नदी में समा गए हैं। कई जिलों में लोगों ने सुरक्षित स्‍थानों पर पलायन शुरू कर दिया है। 

हर घंटे बढ़ रहा जलस्‍तर

बहराइच। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश व नेपाली नदियों से आने वाले पानी को लगातार बैराजों से छोड़ा जा रहा है। रविवार को जिले के तीनों बैराजों से दो लाख 94 हजार 285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे घाघरा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से घाघरा के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। तटवर्ती गांवों के निचले हिस्सों तालाब, पोखरों व नालों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। कटान नहीं थमी है। कैसरगंज तहसील के मंझारा तौंकली ग्राम पंचायत के ग्यारह सौ रेती, भिरगूपुरवा व हरिजनबस्ती गांव के बुद्धू का मकान व तटवर्ती किसानों की तीन बीघे कृषि योग्य भूमि धारा में समाहित हो गई। वहीं बौंडी थाना क्षेत्र के तिकुरी व भौंरी ग्राम पंचायत के नगेशरपुरवा गांव में भी घाघरा ने कटान शुरू कर दिया है। तिकुरी में खादिम रसूल, अयूब, नईम, मोती व ननकऊ समेत अन्य किसानों की दो बीघे कृषि योग्य धारा में समहित हो गई है।

नदी में समाए पांच घर

सीतापुर : शारदा व घाघरा नदियों का जलस्तर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहा है। रविवार को भी नदियों के जलस्तर में बढोतरी दर्ज की गई। रेउसा में गांव फौजदारपुरवा निवासी पांच ग्रामीणों के घर घाघरा की धार में समा गए। वहीं गांव के करीब दस परिवारों ने पलायन की राह पकड़ी है। जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो गए है। नदियों का बढ़ता जलस्तर खेतों में कटान भी कर रहा है।

खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा सरयू का जलस्‍तर 

बाराबंकी : सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। खतरे के निशान 106.070 के सापेक्ष जलस्तर रविवार को दोपहर 2:00 बजे 105. 916 मीटर पर पहुंच गया। बाराबंकी जिले में तटवर्ती गांव में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर नदी का जलस्तर होते ही करीब 50 गांव में आवागमन का रास्ता बंद होगा जाएगा। वहीं बाराबंकी बाढ़ खंड क्षेत्र में पड़ने वाले सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा ब्लाक के अखरी गांव के पास कटान हो रही है। कटान को रोकने के लिए यहां पर स्पर (ठोकर) निर्माण कार्य होना प्रस्तावित है।

विकराल हुईं शारदा, खतरे के निशान से 90 सेमी. ऊपर बह रहीं

लखीमपुर : बनवसा वैराज से दो दिन से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से शारदा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के किनारे बसे कई गांवों के पास पानी पहुंच गया है। सैकड़ों एकड़ फसल भी डूब गई है। हालांकि अभी किसी गांव में पानी नहीं घुसा है लेकिन गांवों के चारो तरफ पानी होने से लोग बाढ़ में घिर गए हैैं। प्रशासन ने उन्हें सतर्क कर दिया है, लेकिन लोग अपना घर व जानवर छोड़कर कहीं और जाने को राजी नहीं हो रहे हैैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद बनबसा बैराज से पानी का रिलीज लगातार बढ़ रहा है। 

खतरे के निशान से सिर्फ 20 सेंटीमीटर नीचे सरयू व घाघरा

गोंडा : बारिश के बीच नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। सरयू व घाघरा दोनों नदियां तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही हैं। कई मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। लोगों को पानी में घुसकर आवागमन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को दोपहर तीन बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर व अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 18 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। घाघरा में 2.94 लाख क्यूसेक पानी विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया है। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार का कहना है कि स्थिति की निगरानी की जा रही है।

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