UP COP app के जरिये अब घर बैठे एफआइआर दर्ज कराने लगे पीड़ित, 27 सुविधाएं और भी

लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया को एक कदम आगे बढ़ाने के लिए यूपी पुलिस के कॉप एप का संचालन शुरू हो गया है। यूपी कॉप एप के जरिये अब पीडि़तों ने घर बैठे मोबाइल फोन से ही एफआइआर दर्ज करानी शुरू कर दी है। कुंभ मेला में लिथुआनिया से आईं महिला श्रद्धालु ने 14 जनवरी को यूपी कॉप एप के जरिये पर्स लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पर्स में उनके पासपोर्ट समेत अन्य जरूरी दस्तावेज थे। एडीजी तकनीकी सेवाएं आशुतोष पांडेय ने बताया कि एप के जरिए एक से 16 जनवरी के बीच अलग-अलग जिलों में ई-एफआइआर दर्ज कराई है। 

एप पर मुरादाबाद में पहली एफआइआर 

मुरादाबाद में पहली एफआइआर सिविल लाइन थाने में दर्ज हुई है। इसकी विवेचना दारोगा सर्वेश कुमार को दी गई है। एप पर मुकदमा दर्ज होते ही थाने के प्रभारी के सीयूजी नंबर पर सूचना आ गई थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। इस एप पर घर बैठे किसी प्रकार की चोरी, किरायेदार व कर्मचारियों का सत्यापन, गुमशुदगी, चरित्र प्रमाण पत्र जैसे मुकदमे दर्ज करा सकते हैं। एसएसपी मुरादाबाद जे रविन्दर गौड का कहना है कि एप पर सिविल लाइन थाने में पहली साइकिल चोरी की एफआइआर दर्ज हो चुकी है। 

प्ले स्टोर पर सर्च करना होगा यूपी कॉप 

एप डाउनलोड करने के लिए एंड्रायड मोबाइल फोन के प्ले स्टोर पर यूपी कॉप सर्च करना होगा। डाउनलोड होने के बाद खुद का पंजीकरण अनिवार्य होगा। एप स्टाल करने के बाद व्यक्ति को अपनी सेल्फ आइडी क्रिएट करनी होगी। आइडी के लिए व्यक्ति को एप पर नया पंजीकरण कराना होगा। यहां नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि का डाटा फीड करना होगा। उसके बाद आइडी क्रिएट होगी। आइडी क्रिएट होने के बाद इसे लागिन किया जाएगा। लागिन करने पर पासवर्ड डालते ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। यह ओटीपी देते ही लागिन हो जाएगा। 

ई-एफआइआर और आप्शन

एप के जरिए व्यक्ति वाहन चोरी, वाहन लूट, स्नैचिंग, नकबजनी, बच्चों की गुमशुदगी, लूट, डकैती और साइबर क्राइम जैसे अपराध की ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा करेक्टर सर्टिफिकेट, डोमेस्टिक हेल्प वेरीफिकेशन, इम्प्लाई वेरीफिकेशन, टीनेंट वेरीफिकेशन, प्रोसेशन रिक्वेस्ट, प्रोटेस्ट या स्ट्राइक रिक्वेस्ट, इवेंट परफॉर्मेस, फिल्म शूटिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीनियर सिटीजन, शेयर इन्फॉरमेशन, रिपोर्ट मिसबिहेवियर, सर्च स्टेटस, इमरजेंसी हेल्पलाइन, अनआईडेंटीफाइड डेड बॉडीज, मिसिंग पर्सन, रिवार्डेड क्त्रिमिनल्स, अरेस्टेड एक्यूज्ड, साइबर अवेयरनेस के ऑप्शन मौजूद हैं। 

डाउनलोड कैसे करें

अपने स्मार्ट फोन पर गूगल प्ले स्टोर से यूपी कॉप ऐप को इंस्टाल करें स्क्रीन पर दिए ऐप के आइकॉन पर क्लिक करें इंटरनेट कनेक्ट करते ही रजिस्ट्रेशन पर क्लिक कर पूछी गई जानकारी देकर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं रजिस्ट्रेशन के बाद मोबाइल नम्बर और पासवर्ड डालते ही सामने 27 सुविधाओं के ऑप्शन होंगे

 

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