लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध चार कॉलेजों का जुर्माना बरकरार, जानें क्या है पूरा माजरा

लखनऊ : तीन कॉलेजों पर लगे अर्थदंड को बरकरार रखा गया है।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 09:41 AM (IST) Author: Divyansh Rastogi

लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें तीन कॉलेजों पर लगे अर्थदंड को बरकरार रखा गया है। मुमताज डिग्री कालेज, नगर निगम डिग्री कालेज और सरदार भगत सिंह कॉलेज को जुर्माना देना ही होगा। 

वहीं, बायोकेमिस्ट्री विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व विवि के पूर्व प्रतिकुलपति रहे प्रो यूएन द्विवेदी को लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने सत्रांत लाभ दे दिया है। सत्रांत लाभ दिए जाने को लेकर विवि ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर कोई फैसला लंबित है। 

हालांकि, यह सत्रांत लाभ शर्तो पर मिलेगा। शासन से निर्देश न आने पर रिकवरी भी की जाएगी। बैठक में तीन कालेजों पर लगे अर्थदंड को बरकरार रखा गया है। विवि के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान समाजशास्त्र विभाग के शिक्षक एसके चौधरी के मामले में कमेटी की रिपोर्ट पर कानूनी सलाह लेने को कहा गया। अप्लाइड इकोनॉमिक्स में डॉ कविता चतुर्वेदी के प्रकरण को अगली कार्यपरिषद के लिए टाल दिया गया। 

जूलॉजी के डॉ सुधीर पवार के मामले में कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में परीक्षण कर अहर्ता तिथि से लाभ देने पर सहमति दी गई। जूलॉजी डिपार्टमेंट के ही डॉ एसपी त्रिवेदी को अहर्ता तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने पर कार्यपरिषद ने अपनी सहमति दे दी। इसके अलावा गणित के शिक्षक डॉ प्रवीण नागर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। जबकि शिक्षाशास्त्र विभाग के डॉ एके शुक्ला के असाधारण अवकाश को अनुमोदित करने के साथ ही उन्हें ज्वाइन कराने के निर्देश भी दिए गए। डॉ शुक्ला बरेली विवि के कुलपति रहे हैं। इसके अलावा बैठक में कार्यपरिषद ने अस्थायी कर्मचारियों को पहले की तरह 11 माह तक रखने का आदेश देते हुए ससमय वेतन भुगतान को कहा गया। 

इसलिए लगा अर्थदंड 

निर्धारित समय के भीतर स्थाई संबद्धता न ले पाने के आरोप से घिरे मुमताज डिग्री कालेज, नगर निगम डिग्री कालेज और सरदार भगत सिंह कॉलेज पर विवि की तरफ से लगाये गए एक लाख रुपये के अर्थदण्ड को कार्यपरिषद ने बरकरार रखा है। याद हो कि जुलाई में लखनऊ विश्वविद्यालय ने सात कालेजों पर जुर्माना लगाने को कहा था। इनमें शेष चार कालेजों ने अर्थदंंड जमा कर दिया था।

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