Cyber Crime: एटीएम क्लोनिंग होने पर तत्काल दर्ज कराएं शिकायत, खाते में वापस आ जाएंगे रुपये

अगर साइबर जालसाजों द्वारा ट्रांसफर किए गए बैंक खाते से कैश आउट (रुपया निकाला न गया होगा) तो साइबर एक्सपर्ट आपके खाते में रुपया वापस मंगा देंगे। आप शिकायत साइबर क्राइम सेल थाने बैंक टोल फ्री नंबर अथवा वेबसाइट कहीं भी दर्ज करा सकते हैं।

Anurag GuptaThu, 23 Sep 2021 06:07 AM (IST)
ट्रांजेक्शन कैश आउट न होने की दशा में ही वापस आ सकेंंगे रुपये।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। अगर आपके एटीएम की क्लोनिंग कर साइबर जालसाजों ने खाते से रुपये उड़ा दिए हैं तो आप जल्द से जल्द इसकी शिकायत दर्ज कराएं। अगर साइबर जालसाजों द्वारा ट्रांसफर किए गए बैंक खाते से कैश आउट (रुपया निकाला न गया होगा) तो साइबर एक्सपर्ट आपके खाते में रुपया वापस मंगा देंगे। आप शिकायत साइबर क्राइम सेल, थाने, बैंक, टोल फ्री नंबर अथवा वेबसाइट कहीं भी दर्ज करा सकते हैं। बुधवार को यह जानकारी साइबर क्राइम थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर मो. मुस्लिम खां ने दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित प्रश्न पहर में दी। इस दौरान तमाम लोगों ने फोन कर साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर मो. मुस्लिम खां से तमाम प्रश्न किए। उन्होंने लोगों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाएं शांत की।

वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर फ्राड का शिकार होने पर यहां करें शिकायत : 

टोल फ्री नंबर : 155260 (इस नंबर पर पुलिस विभाग के साइबर एक्सपर्ट से लेकर बैंक और कई कंपनियां मर्ज की गई हैं।) पुलिस कंट्रोल रूम : 112 मोबाइल नंबर : 9454457953-4 (परामर्श हेतु जारी नंबर) आनलाइन वेब साइट : www.cybercrime.gov.in

सवाल : साइबर बैंकिंग फ्राड से बचने के लिए क्या सतर्कता बरतें? सुमित मिश्रा, आलमबाग

जवाब : बैंकिंग से संबधित डाटा कभी आनलाइन शेयर न करें और न ही किसी को फोन पर कोई जानकारी दें। बैंक कभी भी आपके खाते से संबंधित डिटेल फोन पर नहीं लेता है। यह हमेशा याद रखें।

सवाल : नौकरी के नाम पर तमाम वेबसाइट बनी हैं। जिस पर अगर कोई बेरोजगार अपना सीवी डालता है तो कई कंपनियों के लोग नौकरी के नाम पर फोन करके उससे फ्राड कर लेते हैं।इससे कैसे बचा जाए?   -सिवानी, लालबाग

जवाब : जब भी नौकरी के लिए किसी वेबसाइट पर सीवी डालें तो पहले जांच ले यह वेबसाइट सही है अथवा नहीं। क्योंकि साइबर फ्राड नामचीन कंपनियों की स्पैलिंग में थोड़ा सा मिस्टेक करके उससे मिलती जुलती साइड बना लेते हैं। जिसके चक्कर में लोग फंस जाते हैं।

सवाल : बहुत सी महिलाओं से आजकल साइबर जालसाज अपराध कर रहे हैं। कभी कभार तो महिलाएं अपनी पहचान न उजागर हो इस लिए पुलिस में शिकायत भी नहीं कराती हैं। महिलाओं की पहचान उजागर न हो और आरोपित के खिलाफ कार्यवाही भी हो जाए। इसके लिए क्या करना चाहिए?  -समिष्ठा, लखनऊ 

जवाब : थानों में महिला हेल्प डेस्क अलग से बनी है। महिलाओं को वहां पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वैसे भी थानोंं और पुलिस में महिला अपराध से संबधित शिकायतों पर उनकी पहचान उजागर नहीं की जाती है।

सवाल : मैंने एक शापिंग माल में जाकर खरीदारी की। गूगल-पे से पांच हजार रुपये का भुगतान किया। आधे घंटे बाद घर पहुंची तो खाते से फिर 10 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। यह कैसे हुआ? -हर्षिता मिश्रा, लखनऊ 

जवाब : आप सबसे पहले आपना स्टेटमेंट चेक करिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि किस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। उसके बाद थाने में अथवा साइबर अपराध के लिए जारी किए गए टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं तत्काल कार्यवाही होगी।

सवाल : साइबर अपराधी सबसे अधिक किस क्षेत्र में अपराध कर रहे हैं और उससे बचने के लिए क्या करें? -गरिमा यादव, इंजीनियरिंग कालेज चौराहा 

जवाब : साइबर अपराधी सबसे ज्यादा आर्थिक फ्राड कर रहे हैं। इससे बचने के लिए आप कभी भी अपनी बैंक की डिटेल किसे से शेयर न करें। न ही उसे आनलाइन करें।

सवाल : मैंने टीवी पर देखकर होम अप्लायंस साइट से खरीदारी की। इसके बाद मेरे पास कई फोन आए कि आप हमारी लकी विजेता बनीं हैं और कार जीती है। उसने पूछा कार लेंगी अथवा रुपये। जब कैश लेने की बात कही तो उसने सिक्योरिटी और रजिस्ट्रेशन के रूप में रुपयों की मांग शुरू कर दी। जब यह कहा कि उसी राशि से काट लीजिए तो उसने विरोध किया और अभद्रता की। इससे बचने के लिए क्या करें?  -सुरभि, जानकीपुरम

जवाब : उसका नंबर ब्लाक कर दें और संंबंधित थाने में मोबाइल नंबर के आधार पर शिकायत दर्ज करा दें।

सवाल : इन दिनोंं साइबर फ्राड बहुत अधिक बढ़ा है। उससे बचने के लिए क्या किया जाए? -प्रदीप कुमार, काकोरी 

जवाब : शासन द्वारा जागरुकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। आनलाइन ट्रांजेक्शन से बचें। जब भी करें तो बहुत ध्यान से करें। किसको पेमेंट कर रहे हैं। कैसे कर रहे हैं इस बात का भी विशेष ध्यान करें अपने बैंक की डिटेल किसी से शेयर न करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान 

बैंक कभी भी फोन पर आपसे खाते संबंधित जानकारी कभी नहीं मांगता। सिम बंद होने के मैसेज इस दौरान आ रहे हैं। उस पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न करें। जब भी शापिंग करें तो कंपनी की स्पैलिंग और नाम सही टाइप करें। क्योंकि साइबर जालसाजों ने कंपनी की स्पैलिंग में थोड़ा सा मिस्टेक करके उसी नाम से मिलती जुलती वेबसाइट आइडी बनाकर साइबर फ्राड कर रहे हैं। किसी भी कंपनी की वेबसाइट का नंबर मोबाइल नहीं होता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें। मैसेज से मिले किसी भी लिंक को मत खोलें, गोपनीय जानकारियां भरने से बचें। किसी भी इनामी योजना के लिए आयी काल पर कोई भी निजी जानकारी को शेयर न करें। फेसबुक अकाउंट पर अपनी प्रोफाइल लाक करके रखें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। इंटरनेट मीडिया पर प्राप्त किसी अज्ञात लिंक को न खोलें। किसी व्यक्ति से फेसबुक अथवा वाट्सएप पर अश्लील चैट न करें। इंटरनेट मीडिया पर किसी अनाधिकृत वेबसाइट के फ्री डाउनलोडिंग से बचें।

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