UP Polytechnic Admission 2021: पालीटेक्निक के निजी संस्थानों पर शिकंजा, मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश लिया तो नहीं मिलेगी शुल्क प्रतिपूर्ति

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से चल रही काउंसिलिंग के बीच निजी पालीटेक्निक संस्थान विद्यार्थियों को मैसेज भेजकर सीधे प्रवेश के लिए प्रलोभन दे रही हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग की ओर से पूरी फीस की शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में वापसी का झांसा भी दिया जा रहा है।

Vikas MishraTue, 21 Sep 2021 09:13 AM (IST)
सामान्य वर्ग की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का बजट 325 करोड़ रुपये कम करके 500 करोड़ कर दिया है।

लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से चल रही काउंसिलिंग के बीच निजी पालीटेक्निक संस्थान विद्यार्थियों को मैसेज भेजकर सीधे प्रवेश के लिए प्रलोभन दे रही हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग की ओर से पूरी फीस की शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में वापसी का झांसा भी दिया जा रहा है। परिषद ने ऐसी संस्थानों से दूर रहने की हिदायत दी है तो समाज कल्याण विभाग ने काउंसिलिंग के इतर किसी मैनेजमेंट समेत किसी भी कोटे से सीणे प्रवेश लेने पर शुल्क प्रतिपूर्ति न देने का आदेश दिया है। प्रवेश परीक्षा की मेरिट के अलावा सीधे प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को मैनेजमेंट कोटे का माना जाएगा और शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी। सामान्य वर्ग की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का बजट 325 करोड़ रुपये कम करके 500 करोड़ कर दिया है। ऐसे में शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मेधावियों को मिल सके, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों का जीरो फीस पर प्रवेश नहीं होगा। शैक्षणिक संस्थाएं प्रवेश लेंगी तो समाज कल्याण विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। 

आठ हजार फर्जी विद्यार्थियों काे नहीं मिलेगी परीक्षा की अनुमतिः संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की काउंसिलिंग के बजाय सीधे संस्थानों में प्रवेश लेने वाले आठ हजार फार्मेसी के विद्यार्थियों को परिषद की ओर से कोई राहत नहीं दी जाएगा। विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर फार्मेसी संस्थान परिषद पर सोमवार को भी अनुमति देने का दबाव बनाते रहे। कोरोना संक्रमण की वजह से दाखिले से वंचित विद्यार्थियों के स्थान पर निजी संस्थानों ने मनमाना प्रवेश ले लिया था। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद में पंजीयन न होने से प्राविधिक शिक्षा परिषद ने उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं किया।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के प्रभारी सचिव रामरतन ने बतायाकि फार्मेसी संस्थानों में मनमाना प्रवेश के चलते उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया है। एक फरवरी 2021 का आदेश उनके लिए था जिनका प्रवेश काउंसिलिंग के माध्यम से हुआ और किसी कारण से पोर्टल पर पंजीयन नहीं हो सका था। निजी संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। परिषद नियमों के तहत ही परीक्षा में बैठने की अनुमति देता है। रविवार से परीक्षाएं चल रही हैं। प्रवेश के दौरान निजी संस्थान विद्यार्थियों से अतिरिक्त पैसा लेकर प्रवेश देती हैं जिसका खामियाता विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है। ऐसे में मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश के झांसे में न आएं।

समाज कल्याण विभाग की संशोधित नियमावली के तहत मैनेजमेंट कोटे के विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं दी जाएगी। जीरो फीस की व्यवस्था भी खत्म हो गई है। पालीटेक्निक समेत कोई संस्थान प्रवेश लेतें हैं तो विभाग शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए बाध्य नहीं होगा। -डा.अमरनाथ यती, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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