यूपी के उन्नीस जिलों के अभियंताओं ने द‍िखाई एकजुटता, बिजली विभाग का दो अरब का बोझ हुआ कम

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सूर्य पाल गंगवार पिछले कई सप्ताह से ओटीएस की नियमित समीक्षा जिलेवार कर रहे थे। नतीजा यह हुआ कि 26 नवंबर को जब राजस्व को संकलित किया गया तो आंकड़े चौकाने वाले रहे।

Anurag GuptaPublish:Sun, 28 Nov 2021 03:09 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 07:27 PM (IST)
यूपी के उन्नीस जिलों के अभियंताओं ने द‍िखाई एकजुटता, बिजली विभाग का दो अरब का बोझ हुआ कम
यूपी के उन्नीस जिलों के अभियंताओं ने द‍िखाई एकजुटता, बिजली विभाग का दो अरब का बोझ हुआ कम

लखनऊ, [अंशू दीक्षित]। चुनाव से पहले बिजली विभाग के बोझ को कम करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सूर्य पाल गंगवार की मेहनत काम आई। उन्नीस जिलों के अभियंताओं ने एक जुटता दिखाते हुए एक मुश्त समाधान (ओटीएस) का लाभ उपभोक्ताओं को देते हुए 26 नवंबर की देर शाम तक राजस्व का फीगर दो अरब रुपये से ज्यादा आ चुका है। ओटीएस योजना 30 नवंबर 2021 तक चल रही है। ऊर्जा मंत्री के आह्वान पर मध्यांचल के अफसरों से लेकर अभियंताओं ने डोर टू डोर नॉक करके उपभोक्ताओं से संपर्क किया और फंसे हुए धन को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही नहीं बकाएदारों को भी सरचार्ज का खूब लाभ मिला।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सूर्य पाल गंगवार पिछले कई सप्ताह से ओटीएस की नियमित समीक्षा जिलेवार कर रहे थे। नतीजा यह हुआ कि 26 नवंबर को जब राजस्व को संकलित किया गया तो आंकड़े चौकाने वाले रहे। एलएमवी वन (घरेलू) में ओटीएस का पंजीकरण कराने वाले बकाएदारों की संख्या 55, 27,624 रहीं, इनमें से पैसा जमा किया तीन लाख इक्यासी हजार दो सौ चौहत्तर रही। इससे राजस्व एक अरब सत्तावन करोड़, अठावन लाख चौबिस हजार से अधिक आया।

एमएमवी टू (वाणिज्यिक) में पंजीकरण कराने वाले बकाएदार एक लाख अठहत्तर हजार आठ सौ बीस रहे, इनमें लाभ सिर्फ छत्तीस हजार दो सौ उन्नीस बकाएदारों ने लिया और राजस्व आया सत्ताइस करोड़, निन्यानवे लाख एक सौ उन्नतिस रुपये आया। एलएमवी पांच (निजी नलकूप) में पंजीकरण कराने वाले दो लाख ग्यारह लाख दो सौ अठहत्तर रही, लाभ सिर्फ उठाया तेरह हजार छह बकाएदारों ने। इससे राजस्व आया सोलह करोड़ इक्कतीस लाख, तैंतालिस हजार छह सौ एक रुपये आया। कुल राजस्व का ग्राफ दो अरब से ज्यादा जा चुका है।

कुछ इस तरह मिल रही है छूट : एलएमवी वन (घरेलू) यानी दो किलोवॉट विद्युत भार उपभोक्ताओं को एकमुश्त समाधान और दूसरा विकल्प छह किस्तों में भुगतान करना होगा और सौ फीसद अधिभार में छूट दे रहा है। एलएमवी वन (घरेलू) में दो किलोवॉट से अधिक विद्युत भार वाले उपभोक्ताओं को पचास फीसद छूट का लाभ ओटीएस में मिल रहा है। वहीं एलएमवी टू (वाणिज्यिक) दो किलोवॉट के विद्युत भार तक एक मुश्त भुगतान करने पर सौ फीसद की छूट और एलएमवी टू (वाणिज्यिक) दो से अधिक, लेकिन पांच किलोवॉट विद्युत भार तक पचास फीसद की छूट सरचार्ज में मिलेगी। इसी तरह एलएमवी पांच (निजी नलकूप) पर एकमुश्त भुगतान करने पर सौ फीसद का लाभ बिजली विभाग दे रहा है।