UP विधानसभा चुनाव : 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के ल‍िए खास सुव‍िधा, घर बैठे कर सकेंगे मतदान

UP Assembly Elections मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने अपनी टीम के साथ बुधवार को प्रदेश के सभी डीएम एडीएम व एसडीएम के साथ वीडियो कान्फ्रेंसि‍ंग के जरिए पहली बड़ी बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया और नए निर्देशों की जानकारी दी।

Anurag GuptaWed, 04 Aug 2021 10:22 PM (IST)
दिव्यांगों को भी मिलेगी पोस्टल बैलेट की सुविधा। आयोग ने डीएम के साथ की चुनावी तैयारियों की समीक्षा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। UP Assembly Elections: करोना संक्रमण को देखते हुए वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं व दिव्यांगों को घर बैठे मतदान की सुविधा दी जाएगी। बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाता मत पोस्टल बैलेट के माध्यम से डाल सकेंगे। पोल‍िंग पार्टी उनके घरों पर जाकर पोस्टल बैलेट एकत्र करेगी। प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या करीब 23 लाख है। दिव्यांग मतदाता भी करीब नौ लाख हैं। चुनाव आयोग ने जिलाधिकारियों को इन सभी का घर-घर जाकर सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल ने टीम के साथ बुधवार को प्रदेश के सभी डीएम, एडीएम व एसडीएम के साथ वीडियो कान्फ्रेंसि‍ंग के जरिये पहली बड़ी बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया और नए निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं का सत्यापन करने के बाद उनके घरों में जाकर पोस्टल बैलेट के इच्छुक मतदाताओं को 12-डी फार्म दिया जाएगा। उन्होंने पोल‍िंग बूथ व पोल‍िंग सेंटरों का निर्धारण जल्द करने के लिए कहा है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अब 1500 के बजाय 1200 मतदाताओं पर एक पोल‍िंग बूथ बनाने के निर्देश दिए हैं। जिन पोल‍िंग सेंटर पर बूथों की संख्या अधिक है वहां से भी इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। बरेली व गोंडा में दो पोल‍िंग सेंटर ऐसे हैं जहां 23-23 पोल‍िंग बूथ हैं। इन्हें भी दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने उन सभी पोल‍िंग सेंटर का फिर से निरीक्षण करने के लिए कहा है जहां 10 से अधिक पोल‍िंग बूथ हैं। नए पोल‍िंग सेंटर बनाते समय वहां न्यूनतम सुविधाओं का भी ध्यान रखने के लिए कहा गया है। साथ ही बूथ निर्धारण करते समय यह ध्यान रखने के लिए कहा गया है एक घर में रहने वाले परिवार के सभी सदस्यों का मतदान एक ही जगह होना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को मतदाता सूची पर विशेष फोकस करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहां अप्रत्याशित तरीके से मतदाता बढ़ रहे हैं या कट रहे हैं। जिन इलाकों में मतदाता फार्म 40 फीसद से अधिक निरस्त हुए हैं उन पर भी जिलाधिकारी नजर रखें। महिला-पुरुष मतदाताओं का अनुपात जहां कम हैं, वहां बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस वक्त प्रदेश की मतदाता सूची में एक हजार पुरुषों पर 852 महिला मतदाता हैं।

पिछले चुनावों में दर्ज एफआइआर की मांगी प्रगति : चुनाव आयोग ने वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव व 2019 के लोकसभा चुनाव में दर्ज एफआइआर में अब तक की प्रगति की जानकारी मांगी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों से कहा कि सभी इन मुकदमों के बारे में विस्तृत जानकारी कर आयोग को अवगत कराएं। यदि मामला निस्तारित न हुआ हो तो उसे तत्काल कराएं।

संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र किए जाएं चिह्नित : मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी यह देख लें कि उनके यहां कौन-कौन से केंद्र ऐसे हैं जहां हंगामा व बवाल हो सकता है। ऐसे केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

पोल‍िंग बूथ व पोल‍िंग सेंटर निर्धारण कार्यक्रम

नए पोल‍िंग बूथ व पोल‍िंग सेंटर का निर्धारण-17 अगस्त पोल‍िंग बूथों मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की आपत्तियां व सुझाव-21 अगस्त पोल‍िंग बूथों की सूची का प्रकाशन-23 अगस्त सुझाव व आपत्तियों का निस्तारण- सात सितंबर जिलाधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपेंगे ब्यौरा- 20 सितंबर मुख्य निर्वाचन अधिकारी चुनाव आयोग को भेजेंगे ब्यौरा-25 सितंबर

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.