Mahant Narendra Giri: सुर्खियों में रहा महंत नरेंद्र गिरि व उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद, सुसाइड नोट में भी जिक्र

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत को लोग उनके पूर्व शिष्य आनंद गिरी के साथ हुए विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। मौके पर मिले सुसाइड नोट में भी आनंद गिरि से प्रताड़ित होने की बात का जिक्र है।

Umesh TiwariMon, 20 Sep 2021 08:12 PM (IST)
नरेंद्र गिरी की मौत को उनके पूर्व शिष्य आनंद गिरी के साथ विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

लखनऊ, जेएनएन। संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को प्रयागराज में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव अल्लापुर स्थित मठ श्री बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला। नरेंद्र गिरी की मौत को लोग उनके पूर्व शिष्य आनंद गिरी के साथ हुए विवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। मौके पर मिले सुसाइड नोट में भी आनंद गिरि से प्रताड़ित होने की बात का जिक्र है। विवाद बढ़ने के बाद आनंद गिरी ने वीडियो जारी कर नरेंद्र गिरी का चरण पकड़कर माफी मांग ली थी और संत परंपरा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी ने उन्हें माफ करने का वीडियो जारी किया था, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ था।

संगम तट स्थित लेटे हनुमान मंदिर के महंत स्वामी नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य चर्चित योग गुरु आनंद गिरि के बीच पिछले दिनों विवाद सुर्खियों में रहा है। आनंद गिरि को निरंजनी अखाड़ा परिषद तथा श्री मठ बाघम्बरी गद्दी से निष्कासित कर दिया गया था। तब दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी किए थे। तमाम साधु संत ने महंत नरेंद्र गिरि का समर्थन किया था। नरेंद्र गिरि ने कहा था कि आनंद गिरि माफी मांगे तब उनके बारे में कुछ सोचा जा सकता है। बाद में आनंद गिरि ने माफी मांग ली थी। हालांकि, उनका निष्कासन वापस नहीं किया गया।

पुलिस को मौके से मिले छह-सात पेज के सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि ने लिखा है कि उनके यानी महंत के बाद मठ का संचालन कैसे हो। नोट में उन्होंने कई शिष्यों के नाम लिखे हैं। एक तरह से उन्होंने सुसाइड नोट में अपने बाद बाघम्बरी मठ की वसीयत भी लिख दी। इसमें कई लोगों के नाम हैं। शिष्य आनंद गिरि का भी नाम है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट से यह तय है कि नरेंद्र गिरि अपने किसी शिष्य द्वारा हुए अपमान से दुखी थे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट से शक के दायरे में आए योग गुरु आनंद गिरि ने इस घटना को गहरी साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गुरु की जमीन संबंधी विवाद में हत्या कर दी गई और इसे आत्महत्या की शक्ल दी जा रही है। इस साजिश में पुलिस के एक बड़े अफसर व भू-माफिया शामिल हैं। बता दें कि इससे पहले निरंजनी अखाड़े के सचिव आशीष गिरि ने दारागंज में 2019 गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

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