Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल योजना के कार्य ने पकड़ी रफ्तार, जानें- कब कर सकेंगे सफर

Delhi-Meerut Rapid Rail दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने के लिए देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम योजना वर्ष 2025 तक पूरी हो जाएगी।

Umesh TiwariMon, 27 Sep 2021 08:22 PM (IST)
दिल्ली गाजियाबाद मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम योजना।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने के लिए देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) योजना के नाम से जाना जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि आरआरटीएस योजना वर्ष 2025 तक पूरी हो जाएगी। हाईपावर कमेटी की बैठक में प्रगति समीक्षा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने निर्देश दिया कि मेरठ और गाजियाबाद में निर्माण में आ रही समस्याओं को जल्द पूरा करें। जमीन संबंधी सभी मुद्दे अक्टूबर तक निस्तारित कर लिए जाएं। कोरोना के बावजूद तेजी से हुए काम के लिए उन्होंने नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की सराहना भी की।

लोकभवन में सोमवार को आयोजित बैठक में समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरआरटीएस के प्राथमिकता खंड साहिबाबाद से दुहाई तक कुल लंबाई लगभग 17 किलोमीटर है। इसे मार्च 2023 में चालू कर दिया जाएगा और पूरी परियोजना 2025 तक पूरी हो जाएगी। अगस्त, 2020 में हुई कमेटी की पिछली बैठक के सभी निर्देशों को अमल में लाया जा चुका है। कुछ जमीन संबंधी मुद्दे ही बचे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के गंभीर प्रकोप के बाद भी एनसीआरटीसी ने कोविड नियमों का पालन करते हुए इस प्रोजेक्ट को रुकने नहीं दिया और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से निर्माण और उससे जुड़े अन्य काम जारी रखे। वर्तमान में 1100 इंजीनियर और 10 हजार से ज्यादा मजदूरों के साथ तय समय सीमा में परियोजना पूरी करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

इस पर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आरआरटीएस के निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने के लिए मेरठ के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और गाजियाबाद के जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने और जमीन संबंधी मामलों को अक्टूबर तक निस्तारित कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अरविंद कुमार, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह और प्रबंध निदेशक एनसीआरटीसी विनय कुमार सिंह उपस्थित रहे।

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