लखनऊ में लाकडाउन के दौरान कर्ज में डूबे दंपती ने खाया जहरीला पदार्थ, पत‍ि की मौत-पत्नी गंभीर

इंस्पेक्टर ने बताया कि निर्मल के मुताबिक लाकडाउन के बाद से बेटे के पास काम नहीं था। आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। 10-12 लाख रुपये कर्ज हो गया था। इस कारण बेटा शिवम बहुत परेशान था। आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर उसने और बहू ने जहरीला पदार्थ खाया है।

Anurag GuptaSun, 24 Oct 2021 10:58 AM (IST)
चौक इलाके में बान वाली गली में हुई ह्रदयविदारक घटना।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। चौक की बान वाली गली में रहने वाले सर्राफ शिवम के परिवार में खाने के लाले पड़े थे। लाकडाउन के बाद कर्ज में डूब गए थे। स्वाभिमानी ऐसे कि अपने दिल की बात किसी से कह भी नहीं पा रहे थे। आखिरकार गरीबी से त्रस्त होकर वह निर्णय ले लिया जो उन्हेंं नहीं करना चाहिए था। शनिवार को पत्नी के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। कमरे में दोनों को अचेत पड़ा देख घर वाले अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां, शिवम को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी पत्नी की हालत नाजुक देख उन्हें भर्ती कर लिया।

शिवम रस्तोगी अपने घर पर ही सोने-चांदी के जेवर बनाने का काम करते थे। तीन साल पहले मडिय़ांव के फैजुल्लागंज की काजल से उन्होंने प्रेम विवाह किया था। शनिवार दोपहर बाद शिवम की बहन कीर्ति स्कूल से लौटी तो उसने भाई को कूलर बंद करने के लिए आवाज दी। कमरे से कोई उत्तर न मिलने पर उसने दरवाजा खटखटाया। इस बार भी कोई उत्तर न मिला। हल्का सा धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। कमरे में बेड पर भाई शिवम और भाभी काजल को अचेत पड़ा देखा तो चीख पड़ी। शोर सुनकर पिता निर्मल पहुंचे। पड़ोसियों की मदद से दोनों को ट्रामा सेंटर ले गए। जहां, डाक्टरों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर इंस्पेक्टर रत्नेश सि‍ंह पहुंचे। उन्होंने परिवारीजन से पूछताछ की। इंस्पेक्टर ने बताया कि निर्मल के मुताबिक लाकडाउन के बाद से बेटे के पास काम नहीं था। आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। 10-12 लाख रुपये कर्ज हो गया था। इस कारण बेटा शिवम बहुत परेशान था। आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर उसने और बहू ने जहरीला पदार्थ खाया है।

दो माह पूर्व हुई थी बेटी, इलाज के अभाव में हो गई थी मौत : निर्मल ने बताया कि बहू को दो माह पूर्व बेटी हुई थी। तंगी के चलते इलाज के अभाव में बेटी की मौत हो गई थी। उसके बाद से बेटा और बहू दोनों बहुत तनाव में थे। कई बार उन्हें समझाया भी था कि बेटा परेशान न हो, यह दिन कट जाएंगे।

10 रुपये के दही में पानी मिलाकर खाता था परिवार : इंस्पेक्टर ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। निर्मल ने बताया कि एक दिन पहले बेटा 10 रुपये का दही दुकान से खरीदकर लाया था। खाना खाने के लिए जब सब लोग बैठे तो फिर दही में पानी मिलाकर उसे बढ़ा लिया। उसके बाद सबको खाने के साथ दिया गया। यह देखकर बेटा बहुत दुखी हुआ था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.