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दशहरी की विदाई इसी हफ्ते, लॉकडाउन के बाद भी बढ़ा एक्सपोर्ट

लखनऊ, [नीरज मिश्र]अब फलों के राजा दशहरी की विदाई का वक्त आ गया है। बमुश्किल हफ्तेभर के भीतर दशहरी बाजार में गायब हो जाएगी। अधिक गलने के कारण अब धीरे-धीरे इसका जायका खत्म होने की ओर है। निर्यातकों का ध्यान भी अब दशहरी से हटकर चौसा और लंगड़ा आम की किस्म की तरफ है।पिछली बार की तुलना में इस बार आम के एक्सपोर्ट में भी खासी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

कोरोना संक्रमण के दौरान भी नहीं कम हुई महक

कोरोना संक्रमण को देखते हुए लगे लॉकडाउन की वजह से अंदेशा था कि इस बार पिछले साल किए गए आम के एक्सपोर्ट की मात्रा में कमी आएगी। लेकिन कोरोना संक्रमण के बावजूद विदेशों में आम की महक कम नहीं हुई चाहे वह दशहरी हो या फिर लंगड़ा और चौसा। सिर्फ खाड़ी देश ही नहीं लंदन और जर्मनी में भी आम की खेप भेजी गई। मंडी निरीक्षक अनुराग सक्सेना के मुताबिक पिछली बार की तुलना में इस बार 03.80 टन यानी 38 क्विवंटल अधिक हुआ है। एक्सपोर्टर शुएब खान द्वारा करीब दस टन के आर्डर इसी माह में पूरे किए जाने हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान फ्लाइट समय से मिलने पर निर्यात और बढ़ता। काफी आर्डर निरस्त हुए हैं।

साल- आम का किया गया एक्सपोर्ट

2019-2020- 113.488 मीट्रिक टन 2020-2021-117.288 मीट्रिक टन इस बार इन देशों में बिखेरी खुशबू

लंदन, जर्मनी, दोहा, दुबई, कतर आदि स्थानों को आम का निर्यात किया गया है।

मंडी सचिव संजय सिंह ने बताया कि इस बरस दशहरी की विदाई की तारीख 15 जुलाई थी। अब दशहरी आम विदा हो रहा है। लंगड़ा और चौसा की दस टन से अधिक की खेप भेजी जा रही है। लॉकडाउन में दूसरे देशों की फ्लाइट समय से न मिल पाने की वजह से एक्सपोर्ट में आई बाधा के बाद भी आम का एक्सपोर्ट काफी बढ़ा है।

 

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