COVID-19 Crisis in Lucknow: परिजनों से कोविड मरीज ने कहा मुझे अस्पताल से निकाल लो, यह मुझे मार देंगे

लखनऊ के निजी अस्पतालों ने कोविड मरीजों के लिए पार की अमानवीय हदें।

लखनऊ में मौजूदा हालात के बीच एक निजी अस्पताल की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि मरीज को कोवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव बताई गई।

Rafiya NazTue, 20 Apr 2021 08:00 AM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। मौजूदा हालात के बीच एक निजी अस्पताल की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि मरीज को कोवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव बताई गई। भर्ती होने के बाद मरीज ने घरवालों को फोन कर कहा कि "मुझे इस हॉस्पिटल से निकाल लो नहीं तो यह लोग मार देंगे." और अगली सुबह ही उसकी मौत हो गई।

दरअसल, कोरोना महामारी से एक ओर जहां लोगों की संक्रमण से मौत हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और बेतहाशा वसूली का आरोप भी लग रहा है।14 अप्रैल को अमीनाबाद निवासी मोहम्मद कलाम को निमोनिया की शिकायत पर कोवा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कलाम की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कलाम को वेंटिलेटर पर रखकर भी धन उगाही करने की कोशिश की गई है।बॉक्ससुबह हुआ भर्ती शाम को हो गई मौतअमीनाबाद मारवाड़ी गली के रहने वाले मोहम्मद कलाम को निमोनिया की शिकायत थी। 12 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कलाम की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद 13 अप्रैल उसे निजी अस्पताल से बलरामपुर अस्पताल भेजा दिया गया। वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद बलरामपुर अस्पताल से डिस्चार्ज करने की बात कही गई। तभी एंबुलेंस चालक की मदद से कलाम को कोवा अस्पताल मुंसी पुलिया पर भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि मरीज को कोवा हॉस्पिटल में 14 अप्रैल की सुबह भर्ती कराया गया था जहां पर उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव बताकर कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया। 

परिजनों का कहना उनके मरीज की हालत में सुधार था और वह खुद से चल-फिर भी रहे थे, लेकिन अस्पताल में भर्ती करने के बाद ही उनकी दूसरे दिन मौत हो गई है।हॉस्पिटल प्रशासन पर गंभीर आरोपपरिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कोवा हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद दिनभर उन्होंने फोन पर वीडियो कॉल पर कलाम से बात की। भर्ती होने के बाद कलाम ने घरवालों को फोन कर कहा कि "मुझे इस हॉस्पिटल से निकाल लो नहीं तो यह लोग मार देंगे। " परिजन जब कलाम को समझाने लगे तो उसने कहा- "अगर यकीन नहीं है तो सुबह तक हम जीवित नहीं मिलेंगे." और ऐसा ही हुआ। परिजनों का आरोप है कि जब हॉस्पिटल के डॉक्टर जावेद से बात की गई उन्होंने गोलमोल जवाब दिया, लेकिन मरीज से बात नहीं कराई गई।

 

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