बाराबंकी : अदालत में गवाही रोकने के लिए की गई थी चचेरे भाई की हत्या

बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के ग्राम बरेठी का मामला। संपत्ति के लिए पुत्र संग की चचेरे भाई की हत्या।
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 06:44 PM (IST) Author: Divyansh Rastogi

बाराबंकी, जेएनएन। संपति के लिए न्यायालय में चल रहे वाद में अपने खिलाफ गवाही से बचने के लिए मजीद ने अपने पुत्र के साथ चचेरे भाई पीर अली की नृशंस हत्या कर दी थी। नौ माह बाद पुलिस ने इस वारदात का राजफाश करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए गए आरोपित को जेल रवाना किया गया है।

ये है पूरा मामला 

मामला देवा थाना क्षेत्र के ग्राम बरेठी निवासी पीर अली 24 जनवरी 2020 की रात घर के बाहर सो रहे थे। रात में धारदार हथियार से कई वारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक के पुत्र आमिर अली ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रभारी पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम के नेतृत्व में देवा थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने साक्ष्य संकलन के बाद इस ब्लाइंड मर्डर का राजफाश किया है। प्रभारी एसपी ने बताया कि पीर अली की हत्या उसके चचेरे भाई मजीद ने अपने पुत्र इसरार के साथ मिलकर की थी। दोनों को बरेठी गांव से गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। इस राजफाश के लिए एसपी ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है।

हत्या का कारण

एसओ देवा ने बताया कि आरोपित मजीद तीन भाई थे, जिसमें से एक आशिक अली की शादी नहीं हुई थी। दूसरे भाई फकीरे का निकाह के एक वर्ष बाद तलाक हो गया था। इन दोनों भाइयों की मृत्यु के बाद उनकी जमीन अकेले मजीद के नाम आ गई। जबकि, मल्हौर में रह रहे फकीरे के कथित पुत्र पुतान ने अपने पिता की हिस्से की जमीन के लिए न्यायालय में मजीद के विरुद्ध वाद दायर कर रखा है। अगर इस मामले में पीर अली गवाही दे देते कि फकीरे का ही पुत्र पुतान है तो संपत्ति मजीद के पास से चली जाती। इसलिए मजीद ने अपने पुत्र के साथ पीर अली की हत्या कर दी थी।

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