बैंक में गिरवी रखी जमीन बेचने वाले आरोपी को लखनऊ जिला जज ने जमानत देने से किया इंकार, यहां पढ़ें पूरी खबर

करीब 34 करोड़ का लोन लेने के बावजूद गिरवी रखी जमीन की प्लाटिंग कर बेचने के चार अलग अलग मामलो में निरुद्ध अभियुक्त सैयद शकील हैदर की जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। जिला जज सर्वेश कुमार ने प्रथम दृष्टया इसके अपराध को गंभीर करार दिया है।

Vikas MishraThu, 16 Sep 2021 08:10 AM (IST)
लखनऊ जिला जज सर्वेश कुमार ने प्रथम दृष्टया इसके अपराध को गंभीर करार दिया है।

लखनऊ, विधि संवाददाता। करीब 34 करोड़ का लोन लेने के बावजूद गिरवी रखी जमीन की प्लाटिंग कर बेचने के चार अलग अलग मामलो में निरुद्ध अभियुक्त सैयद शकील हैदर की जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। जिला जज सर्वेश कुमार ने प्रथम दृष्टया इसके अपराध को गंभीर करार दिया है। 31 जुलाई, 2021 को इस मामले की एफआईआर वकील वीरेंद्र कुमार शर्मा, एक अगस्त को राजकुमार जबकि दो अगस्त, 2021 को आकाश श्रीवास्तव व देवेंद्र कुमार ने थाना वजीरगंज में दर्ज कराई थी।

फौजदारी के जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी के मुताबिक यह मामला बरावनकला वार्ड, बालकगंज में खसरा नंबर 552 की जमीन से जुड़ा है। इस जमीन पर मेसर्स हिन्द कन्क्रीट प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक व अभियुक्त सैयद शकील हैदर ने पंजाब नेशनल बैंक से 34 करोड़ का लोन लिया था। लेकिन, लोन की अदायगी नहीं होने पर डीआरटी व सरफेसी एक्ट के तहत एडीएम प्रशासन के यहां मुकदमा विचाराधीन है।

बावजूद इसके धोखाधड़ी, जालसाजी व साजिश के तहत अन्य अभियुक्तों की मिलीभगत से जमीन को प्लाटिंग कर बेच दिया गया। इस मामले में शकील के अलावा रईस अहमद, मो. आमिर व शौकत को भी नामजद किया गया है। उनका कहना था कि अभियुक्त भू-माफिया है। इसके खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें सात मुकदमे धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश व जानमाल की धमकी तथा एक मुकदमा अमानत में खयानत व अवैध वसूली का है। इनमें दो मुकदमे में अमेठी में दर्ज हैं। यदि इसे जमानत पर रिहा किया गया तो साक्ष्य व गवाहों को प्रभावित करेगा। 

छेड़छाड़ में अभियुक्तों की जमानत खारिज: नाबालिग युवती से छेड़छाड़ के मामले में निरुद्ध अभियुक्त तुषार व इशरार की जमानत अर्जी पॉक्सो की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। विशेष जज महेश चन्द्र वर्मा ने प्रथम दृष्टया अभियुक्तों के अपराध को गंभीर करार दिया है। विशेष लोक अभियोजक अशोक श्रीवास्तव के मुताबिक इस मामले की एफआईआर थाना बीकेटी में दर्ज हुई थी।

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