अयोध्‍या में किशोरी का अपहरण कर क‍िया था निकाह, कोर्ट ने सुनाई 31 साल की सजा

विशेष न्यायाधीश ने 27 हजार का जुर्माना भी लगाया।

अपहरण कर निकाह करने के मामले में अभियुक्त वलीउल्ला उर्फ पप्पू कुरैशी को अलग-अगल अपराधों में कुल 31 वर्ष जेल की सजा सुनाई है। 27 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना की संपूर्ण रकम पीडि़ता को क्षतिपूर्ति के रूप अदा की जाएगी।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:36 PM (IST) Author: Anurag Gupta

अयोध्या, जेएनएन। विशेष न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी ने किशोरी का अपहरण कर उससे निकाह करने के मामले में अभियुक्त वलीउल्ला उर्फ पप्पू कुरैशी को अलग, अगल अपराधों में कुल 31 वर्ष जेल की सजा सुनाई है। 27 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना की संपूर्ण रकम पीडि़ता को क्षतिपूर्ति के रूप अदा की जाएगी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी मामलों की सजाएं एक साथ चलेंगी। अपराधी को पॉक्सो मामले में दी गई अधिकतम 14 साल की सजा ही भुगतनी होगी।

विशेष अभियोजक वीरेंद्र प्रसाद मौर्य व विनोद कुमार उपाध्याय के मुताबिक अभियुक्त पूराकलंदर थाना क्षेत्र के पालीकटरा भदरसा गांव का निवासी है। 29 अगस्त 2014 को किशोरी का बरगलाकर अपहरण कर लिया। घर से मजलिस जाने के निकलने के बाद वह घर नहीं लौटी। अभियुक्त ने उसे कोलकाता में रख निकाह कर लिया। किशोरी की मां ने अभियुक्त के विरुद्ध पूराकलंदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

पीड़‍िता ने कहा, धोखे से कराए हस्‍ताक्षर 

मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि किशोरी का अपहरण नहीं किया, उसने अपनी मर्जी से साथ जाकर निकाह किया। निकाहनामा भी कोर्ट में पेश किया गया। किशोरी ने अपने बयान में निकाह से इन्कार कर धोखे से हस्ताक्षर कराना बताया। कोर्ट ने नाबालिग होने के कारण निकाह की दलील को अस्वीकार कर दिया। अभियुक्त को अपहरण के आरोप में सात साल की सजा, दुष्कर्म के आरोप में 10 साल की सजा व पॉक्सो अधिनियम में 14 साल की सजा सुनाई। कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी मामलों की सजाएं एक साथ चलेंगी। अपराधी को पॉक्सो मामले में दी गई अधिकतम 14 साल की सजा ही भुगतनी होगी।

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