COVID-19: महाराष्ट्र व केरल से UP आने वाले विमान यात्री का एयरपोर्ट पर ही होगा कोरोना टेस्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिया

COVID-19 in UP उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र तथा केरल से आने वाले हर विमान यात्री का अब एयरपोर्ट पर ही कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट होगा। बीते वर्ष विदेश से आगरा में आए लोगों के कारण ही कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार भयावाह होता चला गया।

Dharmendra PandeySat, 27 Feb 2021 04:58 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार देश के अन्य राज्यों में फिर बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के बाद चारों तरफ सतर्कता तेज कर दी है। इसी क्रम में सरकार ने उत्तर प्रदेश के हर एयरपोर्ट पर हाईअलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र के साथ केरल से आने वाले हर विमान यात्री का कोरोना टेस्ट होगा।

उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र तथा केरल से आने वाले हर विमान यात्री का अब एयरपोर्ट पर ही कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट होगा। बीते वर्ष विदेश से आगरा में आए लोगों के कारण ही कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार भयावाह होता चला गया। देश में एक बार फिर से कोरोना वायरण संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर से कमर कस ली है। टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश में अब महाराष्ट्र व केरल से आने वाले हर विमान यात्रियों को कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट एयरपोर्ट पर ही करवाना अनिवार्य होगा। एयरपोर्ट पर यात्रियों का एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि महाराष्ट्र और केरल से आने वाले सभी लोगों का एयरपोर्ट पर एंटीजन टेस्ट होगा। इसके बाद जो लोग पॉजिटिव पाए जाएंगे, उन्हेंं होम ऑइसोलेशन में रखा जाएगा। इसके बाद उन सभी का फिर से सैंपल लेकर आरटी-पीसीआर जांच होगी। आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव होने पर इन सभी को एक हफ्ते के लिए घर में क्वारंटीन रहना रहना होगा। उत्तर प्रदेश में ट्रेन तथा बस से आने वालों की रैंडम चेकिंग की जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोविड-19 के टेस्ट पर फोकस करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कोरोना वायरस संक्रमण के चक्र को तोडऩे में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य में प्रति दिन 1.25 लाख से कम टेस्ट न हों। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, केरल व दिल्ली में केस की एक बार फिर से वृद्धि को देखते हुए उत्तर प्रदेश में फिर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जानी चाहिए। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग व क्वारंटीन सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि कोरोना वायरस मामलों की रोकथाम व उपचार के लिए प्रभावी प्रणाली बनाए रखी जानी चाहिए। जिलों में स्थापित एकीकृत कमान व नियंत्रण केंद्र को सक्रिय रूप से संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि लोगों को वायरस से खुद को बचाने बचाने के बारे में लगातार जागरूक किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। इसके बावजूद कोरोना से बचाव तथा उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। इस सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। उन्होंने कई राज्यों में कोरोना के मामलों में वृद्धि को देखते हुये अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आमजन को मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की सम्पूर्ण जानकारी दें।

वैक्सीनेशन के संबंध में पहले से अवगत कराएं: मुख्यमंत्री कहा कि सम्पूर्ण कार्यवाही केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और क्रम के अनुरूप संचालित की जाये। कोरोना वैक्सीनेशन के लक्षित समूहों को टीकाकरण की तिथि, स्थान व समय के सम्बन्ध में पहले से अवगत कराया जाये। कोरोना वैक्सीन का मानकों के अनुरूप स्टोरेज एवं ट्रांसपोर्टेशन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कोविड वैक्सीनेशन कार्य में इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर की सेवाओं का उपयोग करने के निर्देश भी दिये हैं। 

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