Conversion Case in UP: मौलाना कलीम के बैंक ट्रांजेक्शन पर एटीएस की निगाह, खंगाल रही पांच साल का र‍िकार्ड

Conversion Case in UP एटीएस ने मौलाना कलीम से उसके उमर गौतम से रिश्तों को लेकर भी विस्तार से पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि दोनों की दिल्ली में अक्सर मुलाकात होने की बात भी सामने आई है।

Anurag GuptaSun, 26 Sep 2021 07:15 AM (IST)
Conversion Case in UP: मौलाना कलीम से उसके उमर गौतम से रिश्तों को लेकर भी हुई पूछताछ।

लखनऊ, राज्य ब्यूरोConversion Case in UP: अवैध मतांतरण के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अब मौलाना कलीम सिद्दीकी के बैंक खातों की पड़ताल में जुटी है। एटीएस को मौलाना कलीम के ट्रस्ट के अलावा उसके कई अन्य खातों की भी जानकारी मिली है। इन सभी खातों में बीते पांच वर्षों में हुए ट्रांजेक्शन का ब्योरा जुटाया जा रहा है। खासकर यह भी देखा जा रहा है कि मौलाना कलीम ने किन-किन लोगों को बड़े भुगतान किए हैं।

एटीएस ने मौलाना कलीम से उसके उमर गौतम से रिश्तों को लेकर भी विस्तार से पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि दोनों की दिल्ली में अक्सर मुलाकात होने की बात भी सामने आई है। मौलाना कलीम के कई करीबी लोग भी उमर गौतम के संपर्क में थे। उनके बारे में भी और गहनता से छानबीन की जा रही है। उत्तर प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों तक फैले अवैध मतांतरण सि‍ंडीकेट से जुड़े कुछ अन्य संदिग्ध लोगों के नाम भी सामने आए हैं। मौलाना कलीम से उनके बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौलाना कलीम के करीबियों की छानबीन के लिए भी कई टीमों को सक्रिय किया गया है।

एटीएस के अलावा अन्य खुफिया एजेंसियां भी इस प्रकरण में अपनी छानबीन के कदम बढ़ा रही हैं। शुरुआती पूछताछ के बाद मौलाना कलीम को दिल्ली ले जाने की भी तैयारी है। हालांकि इससे पहले कलीम व उमर गौतम से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, जो दिल्ली में सक्रिय थे। मौलाना कलीम के महाराष्ट्र व गुजरात के कुछ कनेक्शन भी सामने आए हैं। एटीएस ने शुक्रवार को मौलाना कलीम को 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की थी। अवैध मतांतरण के मामले में एटीएस अब तक उमर गौतम समेत कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

उल्लेखनीय है कि एटीएस ने दावा किया था कि मौलाना कलीम की जामिया ईमाम वलीउल्ला ट्रस्ट के खाते में अब तक तीन करोड़ रुपये की फंङ्क्षडग के साक्ष्य मिले हैं। इनमें डेढ़ करोड़ रुपये एक बार में बहरीन से भेजे गए थे। ट्रस्ट का खाता एफसीआरए (फारेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) के तहत रजिस्टर्ड नहीं है। वहीं एटीएस को हेल्पलाइन नंबर व मेल के जरिए भी मतांतरण गिरोह के बारे में कई सूचनाएं हासिल हुई हैं।

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