प्रयागराज हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलीं प्रियंका गांधी वाड्रा, बोलीं- मैं न्याय की लड़ाई के साथ हूं

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रयागराज में कहा कि न्याय सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनकी सत्ता है। देश में केवल बड़े उद्योगपतियों को न्याय मिल रहा है। दलितों किसानों महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए न्याय बचा ही नहीं है।

Umesh TiwariFri, 26 Nov 2021 11:41 PM (IST)
प्रियंका गांधी वाड्रा प्रयागराज हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचीं।

लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रयागराज में कहा कि न्याय सिर्फ उन लोगों के लिए है, जिनकी सत्ता है। देश में केवल बड़े उद्योगपतियों को न्याय मिल रहा है। दलितों, किसानों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए न्याय बचा ही नहीं है। उत्तर प्रदेश में संविधान को नष्ट किया जा रहा है। आज देश में संविधान दिवस मनाया जा रहा है। संविधान में लिखा है यदि इस तरह के जघन्य अपराध होते हैं तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं न्याय की लड़ाई के साथ हूं।

कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्रवार को प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में मां-बेटी से दुष्कर्म के बाद परिवार के सभी चारों सदस्यों की हत्या के बाद उनके घर पहुंचीं थीं। यहां उन्होंने मृतक के भाई के परिवार से एकांत में 45 मिनट तक वार्ता की और घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। प्रयागराज पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा आखिर पुलिस ने एक के बाद एक तीन शिकायत के बावजूद रोका क्यों नहीं? सुरक्षा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई?

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि इन्हें न्याय क्यों नहीं मिला? परिवार के सदस्यों की तरफ से मुझे वीडियो दिखाया गया और बताया गया कि जिस तरह से उनको मारापीटा गया, इससे वह दहशत में हैं। घर में सिर्फ महिलाएं हैं। परिवार में सिर्फ एक पुरुष हैं, जो झारखंड में काम करते हैं।

पुलिस को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा : प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा सिर्फ पुलिस को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा। परिवार में 17 साल की बेटी और उसका 10 साल का भाई था। वह भी दिव्यांग था। कुल्हाड़ी से गला काटा गया है। मैं यह समझ नहीं पाती हूं कि ऐसी परिस्थिति में जिला और पुलिस प्रशासन क्यों चुप रहा? प्रियंका दिल्ली से हवाई मार्ग से लखनऊ फिर प्रयागराज पहुंचीं।

मृतकों के स्वजन को मिलेंगे 16 लाख, जमीन का पट्टा और असलहा भी : दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद पूरे परिवार की कुल्हाड़ी से काट डालने के मामले में शुक्रवार को भी हंगामा होता रहा। सुबह 10:30 बजे पोस्टमार्टम से शवों को गांव लाया गया तो भीड़ जुट गई। मांगों को पूरा करने के बाद ही शवों की अंत्येष्टि की बात कही गई। मृतक के भाइयों ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे के साथ मृतक के चारों भाइयों को शस्त्र लाइसेंस, पट्टे की जमीन और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी जैसी कई मांगे रखीं थीं। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। अफसरों ने समझाया, तब जाकर लगभग पांच घंटे बाद आक्रोशित महिलाएं व अन्य लोग शांत हुए, इसके बाद फाफामऊ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतकों के स्वजन को एससीएसटी आर्थिक सहायता योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की ओर से साढ़े 16 लाख, जमीन का पट्टा और असलहा भी मिलेगा। दरअसल, फाफामऊ थाना क्षेत्र के एक गांव में 50 वर्षीय अधेड़, उसकी 45 वर्षीया पत्नी, 17 वर्षीय पुत्री और 13 वर्ष के पुत्र को मंगलवार रात कुल्हाड़ी से काट डाला गया था। सिर, पेट और कंधे में प्रहार किया गया था।

मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, एसएसपी से मांगी रिपोर्ट : दुष्कर्म के बाद पूरे परिवार की हत्या की घटना को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग लखनऊ ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान में लिया है। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि चार लोगों की नृशंस हत्या और दो दिन तक घर में लाशें पड़ी रहीं और इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। यह प्रकरण प्रथम दृष्टया मानवाधिकार के हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण प्रतीत होता है। प्रकरण अति आवश्यक और अत्यंत गंभीर है। मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष बालकृष्ण नारायण ने एसएसपी से खुद मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर यानि 29 नवंबर को रिपोर्ट मांगी है।

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