प्रियंका ने जारी किया महिलाओं के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र, पुलिस बल में 25 प्रतिशत नौकरियां देने का वादा

UP Assembly Election 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बुधवार को पार्टी का महिला घोषणा पत्र जारी किया। इसे शक्ति विधान नाम दिया गया है।

Umesh TiwariWed, 08 Dec 2021 10:15 PM (IST)
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर मुखर रही कांग्रेस पार्टी राज्य में सत्ता में आने पर पुलिस बल में 25 प्रतिशत नौकरियां महिलाओं के लिए आरक्षित करेगी। यूपी विधान सभा चुनाव में महिलाओं को 40 फीसद टिकट देने का वादा कर चुकी कांग्रेस प्रदेश में 20 लाख नई सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मौजूदा प्रविधानों के अनुसार 40 प्रतिशत नौकरियां महिलाओं को देने का ऐलान पहले ही कर चुकी है।

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के दृष्टिगत ये घोषणाएं कांग्रेस पार्टी की ओर से महिलाओं के लिए तैयार किये गए उस घोषणा पत्र का हिस्सा हैं जिसे बुधवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जारी किया। महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित 'शक्ति विधान' नामक इस दस्तावेज को 'लड़की हूं लड़ सकती हू' थीम सांग के साथ जारी किया गया जिसकी शुरुआत दुर्गा स्तुति से हुई है। इस मौके पर प्रियंका ने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किया जा रहा है। इस घोषणा पत्र को छह हिस्सों-स्वाभिमान, स्वावलंबन, शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और सेहत में बांटा गया है।

दुष्कर्म-छेड़छाड़ के मामलों की जांच को राज्य स्तरीय आयोग : घोषणा पत्र में कहा गया है कि महिलाओं से दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे मामलों की जांच के लिए राज्य स्तर पर विशेष अधिकार प्राप्त आयोग भी गठित किया जाएगा जिसमें छह महिलाएं-दो न्यायाधीश, दो सामाजिक कार्यकर्ता और दो सरकारी अधिकारी होंगी। यह आयोग पीडि़ताओं और उनके परिवारों के साथ आरोपित या उसके परिचित या सरकारी अधिकारी द्वारा उत्पीड़न और चारित्रिक हनन की जांच करेगा। अपराध पीड़ित महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए हर जिले में विशेष कानूनी प्रकोष्ठ भी गठित किये जाएंगे जिसमें दो महिला अधिवक्ता होंगी।

दुष्कर्म के मामलों में लापरवाही पर निलंबित होंगे अधिकारी : दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को देखते हुए कांग्रेस ने घोषणा पत्र में अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा-4 पर भी जोर दिया है जिसमें कर्तव्यों की उपेक्षा पर लोक सेवकों के लिए दंड का प्राविधान है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि दुष्कर्म जैसे अपराध की शिकायत होने के 10 दिन में अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा-4 के प्राविधानों का पालन न होने पर अधिकारी को निलंबित किया जाएगा।

मनरेगा और राशन दुकानों में आरक्षण : मनरेगा में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और 40 प्रतिशत कार्य उनके लिए आरक्षित किये जाएंगे। प्रदेश में राशन की 50 प्रतिशत दुकानों का प्रबंधन और संचालन विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाएगा।

बेटी पैदा होने पर एफडी : सरकार बनने पर कांग्रेस परिवार में पैदा होने वाली प्रत्येक बेटी के लिए एफडी (सावधि जमा) खोलने की नई योजना शुरू करेगी।

विशेष रोजगार एक्सचेंज : महिलाओं विशेष रूप से वंचित वर्ग की महिलाओं को रोजगार के साधन और अवसर मुहैया कराने के लिए प्रदेश में महिला रोजगार एक्सचेंज स्थापित किये जाएंगे।

गरीब परिवारों को मुफ्त इंटरनेट : गरीब परिवारों को आनलाइन स्कूल/विश्वविद्यालयऔर कौशल विकास कक्षाओं में सुगमता के लिए मुफ्त इंटरनेट सुविधा मिलेगी।

कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह भी

गरीब महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह माडल लागू होगा। समूहों को चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। पुरुष केंद्रित नौकरियों जैसे कि परिवहन विभाग में ड्राइवर आदि के पद पर महिलाओं के लिए विशेष कोटा होगा। महिलाओं के लिए अलग चालक प्रशिक्षण इकाइयों का गठन। 50 प्रतिशत महिलाओं को नौकरी पर रखने वाले व्यवसायों को कर में छूट के साथ अन्य सहायता भी। महिलाओं द्वारा संंचालित छोटे व्यवसायों को कम ब्याज दर पर ऋण व टैक्स रिफंड देकर मदद के लिए फंड की स्थापना। सभी सरकारी कार्यालयों में शिशु गृहों की स्थापना, निजी संस्थानों को भी किया जाएगा प्रोत्साहित। कामकाजी महिलाओं के लिए 25 प्रमुख शहरी केंद्रों में नवीनतम सुविधाओं से युक्त छात्रावासों की स्थापना। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और निराश्रित महिलाओं के लिए राज्य व जिला स्तर पर हेल्पलाइन। कोविड-19 से जिन महिलाओं का रोजगार प्रभावित, उन्हें वेतन सब्सिडी। घरेलू कर्मचारियों, खासकर महिलाओं की मानवीय कार्यदशाओं के पालन के लिए सरकारी विभाग की स्थापना। दिव्यांग महिलाओं के प्रशिक्षण व रोजगार के साधन मुहैया कराने के लिए विशेष विभाग की स्थापना। माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं को आय वर्ग के अनुसार छात्रवृत्ति। अकेली माताओं को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित करने के लिए वित्तपोषित कार्यक्रम। कामकाजी महिलाओं की शिक्षा के लिए राज्य भर में महिलाओं द्वारा संचालित संध्या विद्यालयों की स्थापना। 14 वर्ष से अधिक उम्र की लड़कियों के लिए प्रजनन अधिकारों, विज्ञान, यौन शिक्षा व जबरन बाल विवाह पर केंद्रित पाठ्यक्रम स्कूलों में लागू होंगे। हर ग्राम पंचायत में महिला चौपाल का निर्माण जहां महिलाएं चर्चा, बैठकें, आयोजन व मनोरंजन गतिविधियां कर सकें। निजी क्षेत्र व अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से साझेदारी में महिलाओं के लिए 10 विश्व स्तरीय आवासीय खेल अकादमी की स्थापना। परिवारों में घरेलू हिंसा और नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं की नई योजना। परित्यक्त महिलाओं को विशेष सहयोग देंगी कानूनी सहायता समितियां। हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं के इलाज के लिए महिलाओं द्वारा संचालित स्वास्थ्य शक्ति केंद्र की स्थापना।

पहले हो चुकी हैं ये घोषणाएं

इंटरमीडिएट की छात्राओं को मुफ्त स्मार्टफोन व स्नातक छात्राओं को स्कूटी। किसी भी बीमारी के लिए परिवार को 10 लाख रुपये तक मुफ्त सरकारी इलाज। आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को हर माह 10 हजार रुपये मानदेय। विधवा व वृद्धावस्था पेंशन 1000 रुपये। सभी जिलों में महिलाओं के लिए दक्षता विद्यालय। सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा।

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