केजीएमयू के दंत संकाय की सराहनीय पहल, दिव्यांगों के लिए शुरू होगी स्पेशल डेंटल क्लीनिक

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत संकाय में शनिवार से दिव्यांग जनों के लिए एक स्पेशल ओपीडी क्लीनिक शुरू होने जा रही है। शारीरिक रुप से असहाय सभी व्यक्तियों के लिए डेंटल सर्जरी विभाग की छठवीं मंजिल पर अलग और सुविधाजनक व्यवस्था की जा रही है।

Vikas MishraPublish:Wed, 24 Nov 2021 01:58 PM (IST) Updated:Thu, 25 Nov 2021 07:06 AM (IST)
केजीएमयू के दंत संकाय की सराहनीय पहल, दिव्यांगों के लिए शुरू होगी स्पेशल डेंटल क्लीनिक
केजीएमयू के दंत संकाय की सराहनीय पहल, दिव्यांगों के लिए शुरू होगी स्पेशल डेंटल क्लीनिक

लखनऊ, [रामांशी मिश्रा]। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत संकाय में शनिवार से दिव्यांग जनों के लिए एक स्पेशल ओपीडी क्लीनिक शुरू होने जा रही है। शारीरिक रुप से असहाय सभी व्यक्तियों के लिए डेंटल सर्जरी विभाग की छठवीं मंजिल पर अलग और सुविधाजनक व्यवस्था की जा रही है। दंत संकाय में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पूरन चंद्र ने बताया कि इस विशिष्ट ओपीडी क्लीनिक में दिव्यांग जनों के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर इलाज व्यवस्था तक हर जगह पर अलग सुविधाएं दी जा रही हैं।

पंजीकरण काउंटर पर दिव्यांग जनों और ऐसे बुजुर्ग जो चलने फिरने की स्थिति में नहीं है उनके लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई है। यहां पर आकर बिना लाइन में लगे उनका पर्चा बनाया जाएगा। इसके अलावा इसी काउंटर के पास और लिफ्ट के पास एक व्हीलचेयर का भी इंतजाम किया गया है ताकि क्लीनिक तक आने में मरीजों को असुविधा न हो। केजीएमयू के दंत संकाय के अलग-अलग विभागों में हर रोज तकरीबन आठ से दस मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। इनमें से कुछ मरीज व्हीलचेयर के सहारे होते हैं, जिन्हें डेंटल चेयर पर बैठाने के लिए व्हीलचेयर से उतारा जाता है।

डेंटल चेयर पर इलाज करने के बाद इन्हें दोबारा व्हील चेयर पर बैठाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में मरीज के साथ डॉक्टरों को भी थोड़ी असुविधा होती है। इस असुविधा को हल करने के लिए दंत संकाय के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के डॉ भास्कर अग्रवाल ने एक अलग तरह की डेंटल चेयर बनाई है। इस बाबत डॉक्टर भास्कर कहते हैं यह डेंटल चेयर व्हील चेयर पर बैठे मरीजों के लिए बनाई गई है। इसमें व्हील चेयर पर आने वाले मरीजों को उन्हीं की व्हील चेयर पर बैठा कर इलाज दिया जा सकेगा। इस डेंटल चेयर का नाम डॉ भास्कर के नाम पर ही भास्कर्स रेकलाइनर चेयर रखा गया है। 

दांत संकाय के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर नीरज मिश्रा का कहना है कि अक्सर दिव्यांग जनों को उनकी शारीरिक परेशानी की वजह से इलाज से वंचित रहना पड़ता है। दृष्टिबाधित या चल पाने में असहाय व्यक्तियों को सहारे की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बहुत कम ही मरीज इलाज के लिए आते हैं। उन मरीजों को अधिक सुविधाजनक इलाज मुहैया करवाने और दिव्यांग मरीजों की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझने के लिए इस ओपीडी क्लीनिक की शुरुआत की गई है। शनिवार से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी हमें उम्मीद है कि इसके बाद इलाज के लिए आने वाले दिव्यांग मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।