सीएम योगी आदित्यनाथ 27 को जाएंगे गोंडा, देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की रखेंगे आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 नवंबर को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह मैजापुर चीनी मिल में देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की आधारशिला रखेंगे। 350 केएल (किलोलीटर) क्षमता के प्लांट की स्थापना पर 455.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

Vikas MishraPublish:Thu, 25 Nov 2021 11:37 AM (IST) Updated:Thu, 25 Nov 2021 10:16 PM (IST)
सीएम योगी आदित्यनाथ 27 को जाएंगे गोंडा, देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की रखेंगे आधारशिला
सीएम योगी आदित्यनाथ 27 को जाएंगे गोंडा, देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की रखेंगे आधारशिला

लखनऊ, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 नवंबर को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह मैजापुर चीनी मिल में देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की आधारशिला रखेंगे। 350 केएल (किलोलीटर) क्षमता के प्लांट की स्थापना पर 455.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्लांट में गन्ने के जूस, चीनी के घोल, जौ, मक्का व अन्य अनाज से एथेनॉल बनाया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के मुताबिक इससे छोटा 250 केएल की क्षमता वाला डिस्टलरी प्लांट लखीमपुर खीरी जिले के अजवापुर चीनी मिल में है। गोंडा में नया डिस्टलरी प्लांट मई 2022 में बनकर तैयार हो जाएगा। डीएम मार्कण्डेय शाही ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

डिस्टलरी प्लांट की स्थापना से क्या होंगे फायदे  किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान मिल सकेगा उत्पादन सीमित होने पर चीनी का मूल्य कम नहीं होगा पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत कम करने में मदद मिलेगी तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को रोजगार जिले में एथेनॉल उत्पादन में वृद्धि होगी गोदाम में अनाज खराब नहीं होगा, किसानों को उचित मूल्य मिलेगा गन्ने की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ेगा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी

15 मेगावाट बिजली का भी होगा उत्पादनः डिस्टलरी प्लांट की स्थापना के लिए चीनी मिल प्रबंधन ने 26 हेक्टेयर भूमि चयनित की है। इसमें प्लांट के अलावा कर्मचारियों के लिए आवास के साथ ही अन्य भवन भी बनाए जाएंगे। परिसर में 15 मेगावाट क्षमता का बिजली उत्पादन केंद्र भी बनेगा। मैजापुर चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संदीप अग्रवाल का कहना है ये प्लांट किसानों की खुशहाली का नया रास्ता खोलेगा। तकनीकी शिक्षा प्राप्त बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही एथेनॉल के उत्पादन से पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्य में भी गिरावट आएगी।