मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कानपुर में तीन से छह साल तक के बच्चों को बांटेंगे प्री स्कूल किट

उत्तर प्रदेश सरकार का आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर जोर है ताकि योजनाओं का लाभ सबको मिल सके। अब तक 170896 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिक्षा व प्रशिक्षण के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पहल पुस्तिका प्री स्कूल किट व बाल मूल्यांकन कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है।

Umesh TiwariTue, 27 Jul 2021 10:46 PM (IST)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को कानपुर में बच्चों को प्री स्कूल किट बांटेंगे। (सांकेतिक तस्वीर)

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चे प्री नर्सरी स्कूलों जैसी सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। वे प्री स्कूल किट से पढ़ाई करेंगे। तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए उम्दा कहानी की किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट मुहैया करा रहा है। वहीं, खेल आदि गतिविधि बेहतर तरीके से संचालित करने का केंद्रों पर पूरा इंतजाम किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन बच्चों की पढ़ाई में विशेष रुचि ले रहे हैं। वह बुधवार को कानपुर में बच्चों को प्री स्कूल किट बांटेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार का आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर जोर है, ताकि योजनाओं का लाभ सबको मिल सके। अब तक 1,70,896 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शिक्षा व प्रशिक्षण (ईसीसीई) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पहल पुस्तिका, प्री स्कूल किट व बाल मूल्यांकन कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। बाल विकास सेवा व पुष्टाहार विभाग ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 44 जिलों के 1,06,128 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किटस का वितरण किया है। वहीं, खेल व अन्य गतिविधियां बढ़ाने के लिए केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल के बच्चों के लिए बाल उपयुक्त कहानी की किताबें परियोजना कार्यालय पर नेशनल बुक ट्रस्ट उपलब्ध करा रहा है।

केंद्रों पर ईसीसीई की गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए समन्वित बाल विकास योजना (आइसीडीएस) के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 'पहल' नाम का एक ईसीसीई मैन्युल बनाया गया है। इसका निर्माण एससीईआरटी की ओर से विकसित पाठ्यक्रम के अनुसार किया गया है, जिसे 44 जिलों में पहुंचाया जा चुका है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन के लिए वर्ग के अनुसार व्यक्तिगत मूल्यांकन कार्ड भी पहुंच गए हैं।

8820 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा : उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण केंद्र सरकार के निर्देश पर मनरेगा, पंचायती राज व बाल विकास एवं पुष्टाहार के कंवर्जेंस के जरिये कराया जा रहा है। चार साल में कुल 10,187 केंद्रों का निर्माण होना था। इसमें से 8820 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1367 निर्माणाधीन हैं।

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