CM योगी आदित्यनाथ बोले- जागरूकता से रोकी जा सकती हैं सड़क दुर्घटनाएं, हर दिन होती हैं 65 मौत

मुख्यमंत्री ने कहा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें रोकी जा सकती हैं, बस थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है

Road Safety Awareness Drive in UP प्रदेश सरकार ने करीब साढे तीन वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के कारकों को खत्म करने के तमाम प्रयास हो रहे हैं। अभी भी इसमें बहुत कुछ किया जाना है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेश भर में जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

Publish Date:Thu, 21 Jan 2021 11:24 AM (IST) Author: Dharmendra Pandey

लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर दिन सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 65 मौतें होती हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा कर इन दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने करीब साढे तीन वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के कारकों को खत्म करने के तमाम प्रयास हो रहे हैं। अभी भी इसमें बहुत कुछ किया जाना है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेश भर में जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने परिवहन विभाग की 55.70 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें रोकी जा सकती हैं, बस थोड़ी सी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 20 फरवरी तक हर जिले में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमे परिवहन, गृह, स्वास्थ्य विभागों के साथ ही स्कूल कॉलेज शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से जुड़ी संस्थाएं हैं चाहे लोक निर्माण विभाग हो या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सभी को सड़क दुर्घटनाओं के कारण चिह्नति करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हाई स्पीड भी सड़क दुर्घटना का कारण बनती है। इसी तरह हाइवे पर अवैध अवरोध भी दुर्घटना का कारण है। इसके अलावा शराब पीकर गाड़ी चलाना या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना आदि छोटे-छोटे कैसे कारण हैं, जिनके कारण होने वाली दुर्घटनाओं से परिवार व समाज को बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।

गाड़ी चलाने योग्य लाइसेंस देखने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है। एक माह तक चलने वाला ये अभियान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के संबंध में काफी मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम के लिए पूरे प्रदेश में हर जिले में जिलाधिकारी इसके नोडल अधिकारी होंगे। स्कूल कॉलेज में जाकर यातायात नियमों की जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। केंद्र सरकार दुर्घटनाएं रोकने के लिए काफी सक्रिय है। उच्चतम न्यायालय भी सड़क दुर्घटनाओं के लिए काफी जागरूक है। अक्सर सवाल पूछते हैं कि क्या उपाय कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर कहना चाहता हूं कि अगले एक माह तक इस कार्यक्रम को करने की जिम्मेदारी जिन जिन विभागों की है, वो पूरी ईमानदारी व निष्ठा से करें। एक माह बाद 20 फरवरी को कार्यक्रम पूरा होगा तो इसके बाद हम विभागों की समीक्षा करेंगे। जागरूकता अभियान चलाने के बाद नियमों के उल्लंघन करने के बाद मोटरयान अधिनियम के तहत कड़ी कर्कवाई की जाए। इस मौके पर सीएम ने सड़क सुरक्षा के लिए शपथ भी दिलाई। इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने भी शिरकत की।  

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