सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- दिखने लगा कर्फ्यू का परिणाम, कोरोना चेन तोड़ने में मिल रही सहायता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को टीम-9 के साथ प्रदेश में कोविड प्रबंधन की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को टीम-9 के साथ प्रदेश में कोविड प्रबंधन की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों व कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में 20 मई तक अवकाश रखा जाए। इस अवधि में ऑनलाइन भी संचालित न की जाएं।

Umesh TiwariSun, 09 May 2021 05:11 PM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से पार पाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आंशिक कोरोना कर्फ्यू को फिर बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेशव्यापी आंशिक कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने में इससे सहायता मिल रही है। प्रदेशवासियों की ओर से भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे में 17 मई सुबह 7 बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू को विस्तार दिए जाने का निर्णय लिया जा रहा है। वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल संबंध कार्य व आवश्यक अनिवार्य सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी जाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को टीम-9 के साथ प्रदेश में कोविड प्रबंधन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों/कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में 20 मई तक अवकाश रखा जाए। इस अवधि में ऑनलाइन भी संचालित न की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के संबंध में प्रभावी कार्रवाई की जाए। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में रेमेडेसीवीर सहित जीवनरक्षक मानी जा रही सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। भारत सरकार ने 16 मई तक के लिए 4 लाख 95 हजार वॉयल आवंटित किए गए हैं। सरकारी कोविड अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूर्णतः निःशुल्क है। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि विगत 24 घंटे की अवधि में 23,333 नए केस आए हैं, जबकि इसी अवधि में 34,636 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2,33,981 एक्टिव केस हैं, जो कि बीते 30 अप्रैल की तुलना में 77,000 कम हैं। अब तक 12,54,045 प्रदेशवासियों ने कोरोना को हराकर आरोग्यता प्राप्त की है।प्रदेश में टेस्टिंग और ट्रेसिंग का अभियान चल रहा है। 4,29,53,900 टेस्ट करने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है। बीते 24 घंटे में 2,29,186 टेस्ट संपन्न हुए, जिसमें से 1,11,000 आरटीपीसीआर टेस्ट शामिल है। उन्होंने कहा कि हमें टेस्टिंग को तेज करने की आवश्यकता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत हमें सभी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। बेड्स, चिकित्सा उपकरण मानव संसाधन को दोगुना किए जाने की दिशा में काम तेज किया जाए। ऑक्सीजन की बेहतर होती आपूर्ति के दृष्टिगत एल-2 और एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में एक लाख बेड की क्षमता करने की कार्यवाही तेज की जाए। सभी 75 जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर नजर रखी जाए। लखनऊ और कानपुर व आसपास के जिलों के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस से आपूर्ति कराई गई है। इसी प्रकार सहारनपुर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर आदि निकटस्थ जिलों के लिए बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं। वाराणसी के लिए 40 टन ऑक्सीजन कल भेजी गई है। गोरखपुर व आसपास के जिलों के लिए विशेष ट्रेन चलाये जाने की तैयारी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सभी नागरिकों को वैक्सीन का सुरक्षा कवर प्रदान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टीकाकरण करने वाला राज्य है। अब तक 1,37,22,160 डोज लगाए जा चुके हैं। 18-44 आयु वर्ग के 1,17,327 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। अब सोमवार से 11 नए जिलों सहित कुल 18 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण संचालित होगा। वैक्सीन वेस्टेज को शून्य रखने के लक्ष्य के दृष्टिगत टीकाकरण के लिए ऑनलाईन पंजीयन व्यवस्था के साथ ही संबंधित लोगों से एक-दो दिन पूर्व संपर्क कर लिया जाए। लोगों के उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधि गण भी टीकाकरण केंद्रों पर व्यवस्था का निरीक्षण करें।

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टीम-9 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए दिशा-निर्देश...

होम आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड मरीजों व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त नॉन कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति कराने के समुचित प्रबंध किये जाएं। घरों में आपूर्ति के लिए मरीज की कोविड पॉजिटिविटी रिपोर्ट, कोई अन्य जांच, लक्षण युक्त होने अथवा चिकित्सक का परामर्श के आधार पर तत्काल ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जाए। कोविड को हराकर स्वस्थ हुए कुछ लोगों में मानसिक व शारीरिक समस्या होने के केस सामने आए हैं। इन पोस्ट कोविड समस्याओं के त्वरित निदान के उद्देश्य से सभी 75 जिला अस्पतालों में पोस्ट कोविड हॉस्पिटल का संचालन किया जाए। मेडिकल/पैरामेडिकल अंतिम वर्ष, इंटर्न, प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके युवा, सेवानिवृत्त अनुभवी लोगों की सेवाएं ली जानी चाहिए। इस संबंध में चयन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाए। सभी जिलाधिकारी और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि जब भी किसी मरीज को रेमेडेसीवीर इंजेक्शन दिया जाए तो वहां नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ एक चिकित्सक भी उपस्थित हो। इस जीवनरक्षक दवा की मांग, आपूर्ति और खपत का पूरा विवरण रखा जाए। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को मेडिकल किट समय से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। कतिपय जिलों में स्थिति में सुधार की बहुत आवश्यकता है। आइसीसीसी और सीएम हेल्पलाइन हर दिन ऐसे मरीजों से संवाद स्थापित करे। अंत्येष्टि की क्रिया पूरे सम्मान के साथ निःशुल्क कराई जाए। जनहित से जुड़ी इस व्यवस्था की सतत मॉनीटरिंग करने की आवश्यकता है। निजी एम्बुलेंस की श्रेणीवार दरें तय कर प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए।

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