COVID-19 से बच्चों की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार का बड़ा कदम, हर मंडल में बनेगा सौ बेड का पीडियाट्रिक ICU

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास से वर्चुअल बैठक कर कोविड प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के आकलन को देखते हुए सभी जिलों में बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की आवश्यकता है।

By Umesh TiwariEdited By: Publish:Tue, 11 May 2021 08:21 PM (IST) Updated:Wed, 12 May 2021 07:50 AM (IST)
COVID-19 से बच्चों की सुरक्षा के लिए यूपी सरकार का बड़ा कदम, हर मंडल में बनेगा सौ बेड का पीडियाट्रिक ICU
बच्चों में कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए यूपी के प्रत्येक मंडल में सौ बेड का पीडियाट्रिक आइसीयू बनेगा।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमण के खतरनाक पलटवार से सतर्क उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब कतई ढिलाई के मूड में नहीं है। विशेषज्ञों के आकलन को गंभीरता से लेते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर चिंतन और प्रबंधन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडल मुख्यालयों में सौ बेड का पीडियाट्रिक आइसीयू तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।

वाराणसी, गोरखपुर और अयोध्या का निरीक्षण सोमवार को करके लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास से वर्चुअल बैठक कर कोविड प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के आकलन को देखते हुए सभी जिलों में बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की आवश्यकता है। सभी जिला अस्पतालों में कम से कम 10-15 बेड और मेडिकल कॉलेज में 25-30 बेड की क्षमता वाले पीडियाट्रिक आइसीयू तैयार किए जाएं। वहीं, मंडल मुख्यालय पर न्यूनतम 100 बेड का पीडियाट्रिक आइसीयू होना चाहिए।साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण, दवा आदि की उपलब्धता करा दी जाए। इस संबंध में चिकित्सकों व अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण कराया जाए। यह काम तेजी के साथ होना चाहिए।

मेडिकल किट वितरण की निगरानी के निर्देश : गांवों में कोरोना मरीजों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निगरानी समितियां गांवों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। यह समितियां होम आइसोलेट मरीजों को और अन्य संदिग्ध लक्षणयुक्त ग्रामीणों को आवश्यकतानुसार मेडिकल किट दे रही हैं। मेडिकल किट वितरण की इस व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। निगरानी समितियां जिन्हें मेडिकल किट दे रही हैं, उनका नाम और फोन नंबर इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को उपलब्ध कराएं। आइसीसीसी इसका सत्यापन करें। इसके अलावा जिलाधिकारी के माध्यम से इसकी एक प्रति स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि सांसद-विधायक मेडिकल किट प्राप्त कर स्वास्थ्य लाभ कर रहे लोगों से बात कर सकें। इससे व्यवस्था का सत्यापन भी हो सकेगा।

13 लाख 13 हजार रोगी हो चुके स्वस्थ : सीएम योगी आदित्यनाथ आश्वस्त हैं कि उत्तर प्रदेश में स्थिति संतोषप्रद है। नए कोविड केस कम हो रहे हैं और रिकवरी दर सुधर रही है। बैठक में उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ाई में पूरा प्रदेश एकजुट है। जनसहयोग व ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के नियोजित पालन के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में बीते 30 अप्रैल को 310783 एक्टिव केस थे, जबकि सतत प्रयासों से इसमें 95000 से अधिक की कमी आ चुकी है। वर्तमान में 216057 सक्रिय केस हैं। साथ ही अब तक 13 लाख 13 हजार से अधिक प्रदेशवासी कोरोना से लड़ाई जीतकर स्वस्थ हो चुके हैं।

नॉन कोविड मरीजों को भी मिले आक्सीजन : होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताई है। उन्होंने कहा कि कोविड मरीजों, लक्षणयुक्त संदिग्ध मरीजों, गंभीर रोग से पीड़ित नॉन कोविड मरीजों या चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार जिस भी मरीज के लिए जरूरत हो, उसे आक्सीजन जरूर उपलब्ध कराई जाए।इस संबंध में शासनादेश तुरंत जारी कर दिया जाए।

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