पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ रोक नहीं सके भावना, छलके आंसू

लखनऊ, जेएनएन। माना जाता है कि संत कभी रोते नहीं, इसके साथ ही अगर संत शासन के शीर्ष पर विराजमान है तो उसको कलेजा काफी कड़ा रखना होता है। ऐसा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नहीं है। कल लखनऊ में देश पर जान कुर्बान करने वाले शहीदों की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ के सब्र का बांध टूट गया। युवाओं के मन की बात के दौरान उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले पर एक छात्र ने सीएम योगी आदित्यनाथ से कल ऐसा सवाल कर दिया, जिसका जवाब देने के क्रम में सीएम योगी भावुक हो गए और उनके आखों से आंसू टपक पड़े। एक छात्र ने सीएम योगी से पुलवामा आतंकी हमला और आतंकवाद से संबंधित एक सवाल पूछ दिया। जब बात देश पर जान न्योछावर करने वाले शहीदों की हो तो भावनाओं के सैलाब को आंखें रोक नहीं पातीं। ऐसा ही कुछ हुआ जब कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुलवामा हमले को लेकर एक छात्र ने प्रश्न पूछ लिया कि ऐसे आतंकी हमले में कब तक हमारे जवान शहीद होते रहेंगे। जवाब देते-देते सीएम की आंखें छलक आर्ईं।

युवाओं से संवाद के क्रम में एक छात्र आदित्य ने योगी आदित्यनाथ से सवाल किया और पूछा कि आखिर हमारी सुरक्षा एजेंसियां और सरकार क्या कर रही है। इस सवाल का जवाब देने में पुलवामा शहीदों को याद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए और फूट-फूट कर रोने लगे।

जैसे ही सीएम योगी ने यह लाइन खत्म की, वैसे ही पुलवामा के शहीदों को याद करते हुए सीएम योगी भावुक हो गए। सीएम योगी के आंखों से आंसू बहने लगे। सीएम योगी ने माइक पास में रखी और रुमाल निकाला। उसके बाद अपने रुमाल से वह अपने आंखों के आंसू पोछने लगे।

सीएम योगी ने सवाल के जवाब में कहा कि आज आपने वह प्रश्न किया जो सच में आज आम आदमी के मन में है। कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, यह उसी प्रकार से है, जैसे कोई दीपक बुझता है तो तेजी के साथ जलता है। अब देश में आतंकवाद अब अपने समापन की ओर है।

अब इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आतंकवाद के खिलाफ जो व्यापक मुहिम छेड़ी है, इससे उन लोगों के मन में द्वेष की भवना के साथ वह घटना घटी।

मगर हमें यह देखना चाहिए कि हमारे बहादुर जवानों ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड को भी अगले 48 घंटों में मार गिराया गया। इसके अलावा, हमने उत्तर प्रदेश में एक ऑपरेशन किया है, जिसमें पुलवामा से जुड़े कुछ ऐसी चीजें मिली है, जो काफी अहम हैं। इससे पहले उन्होंने छात्रों से देरी से आने के लिए माफी मांगी। उन्हें इस कार्यक्रम में 11 बजे पहुंचना था, लेकिन वह दोपहर 1.30 बजे पहुंचे।

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