जनेश्वर मिश्र पार्क में घूमना होगा आसान, जल्द चलेगी बाल ट्रेन

लखनऊ, (ऋषि मिश्र)। गोमती नगर विस्तार के जनेश्वर मिश्र पार्क में चिडिय़ाघर की तर्ज पर बाल ट्रेन चलेगी। एलडीए को ये ट्रेन रेल मंत्रालय भारत सरकार दे रहा है, जिसके लिए पटरी बिछाने का काम और रखरखाव प्राधिकरण ही करेगा। बहुत जल्द ही रेलवे के अभियंता जनेश्वर पार्क का निरीक्षण कर के यहां कितने किमी क्षेत्र में बाल ट्रेन चलाई जा सकती है, ये तय करेंगे। जनेश्वर मिश्र पार्क एशिया का सबसे बड़ा पार्क है, जिसका कुल क्षेत्रफल 378 एकड़ का है। जिसको पैदल घूम पाना बहुत मुश्किल है। खासतौर पर बच्‍चों और बुजुर्गों के लिए ये बहुत कष्टप्रद है। इसलिए बाल ट्रेन का विचार अब बहुत जल्द ही मूर्तरूप लेगा।

प्राधिकरण के उप निदेशक उद्यान एसपी सिसौदिया ने बताया कि हाल ही में रेल मंत्रालय ने नैरो गेज की चार अत्याधुनिक बाल ट्रेनें उत्तर प्रदेश सरकार को देने का एलान किया है, जिसको लेकर प्रमुख सचिव स्तर पर बाल ट्रेनों के लिए अलग-अलग शहर तय किये जा चुके हैं। जिनमें गाजियाबाद, आगरा, लखनऊ और इलाहाबाद शामिल हैं। ये ट्रेन रेलवे निश्शुल्क दे रहा है। हम ट्रैक बिछाएंगे और रखरखाव करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी ये तय नहीं किया गया है कि ये बाल ट्रेन पार्क के कितने क्षेत्रफल में दौड़ाई जाएगी। रेलवे के अभियंता कुछ समय बाद पार्क का दौरा करेंगे और स्पष्ट करेंगे कि कितना लंबा ट्रैक पार्क में बिछाया जाएगा।

लखनऊ जू के 75 एकड़ को कवर करती है बाल ट्रेन
लखनऊ जू में बाल ट्रेन करीब 75 एकड़ क्षेत्रफल में चलाई जाती है। जबकि जू लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है। इस लिहाज से जनेश्वर मिश्र पार्क में भी अ'छी खासे क्षेत्र को बाल ट्रेन के तहत कवर किया जा सकता है।

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