सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- किसानों की आय बढ़ाने के लिए स्वीकार करने होंगे कृषि क्षेत्र के बदलाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से हापुड़ के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया।
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 11:03 PM (IST) Author: Umesh Tiwari

लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा प्रगतिशील किसान अब 'वन नेशन, वन मार्केट' के नए युग की ओर जा रहा है जहां वह अपनी उपज की देश में कहीं भी बेचने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। हमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाना ही होगा। अगर किसानों की आमदनी बढ़ानी है, तो हमें कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों को खुले दिमाग से स्वीकार करना होगा।

शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से हापुड़ के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। संभल, बुलंदशहर और मुरादाबाद में कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रशासनिक भवनों का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रगतिशील किसान नयी पद्धति के साथ अपनी खेती को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन उसे नये तौर-तरीके कौन बताएगा। उसके सामने यह एक सवाल रहता था। बीते तीन वर्षों में कृषि विज्ञान केंद्रों की नई शृंखला ने किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ उन्हें उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने में मदद की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से कृषि क्षेत्र में नई प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ हुई है जो किसानों के व्यापक हित में है। केंद्र सरकार की ओर से पारित कराये गए कृषि विधेयकों को किसानों के हित में ठहराते हुए योगी ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य हर हाल में देती रहेंगी और इसको आगे भी ले जाएंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती की तरक्की के लिए राज्य के सभी कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र काम कर रहे हैं। किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 1.05 लाख करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य भुगतान और लॉकडाउन के दौरान 119 चीनी मिलों के संचालन का जिक्र किया।

कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिये किसानों को तकनीक के विषय में जानकारी प्राप्त हो रही है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ज्यादा से ज्यादा स्थापित करने की जरूरत बताई। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी व शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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