रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ, बोले- जाति के नाम पर विभाजित करने वालों से रहें सावधान

अविवि के संत कबीर सभागार में चल रही भाजपा पिछड़ा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन समारोह में भाग लेने के ल‍िए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्‍या पहुंचे। कहावामपंथी इतिहासकारों ने सुहेलदेव और महाराणा प्रताप के बजाय अकबर को बताया महान।

Anurag GuptaSun, 19 Sep 2021 05:06 PM (IST)
योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा पहले राम व कृष्ण को काल्पनिक मानने वाले अब खुद को बता रहे रामभक्त।

अयोध्‍या,  जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली और श्रीराम जन्मभूमि जाकर रामलला का दर्शन-पूजन किया और उत्तर प्रदेश ​में फिर से भाजपा सरकार की वापसी का आशीर्वाद लिया। यहां से वह भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राज्य कार्यसमिति की बैठक के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि जाति के नाम पर विभाजन करने वालों से सावधान रहना होगा।

सीएम योगी ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, दुर्गावती और अनेक महापुरुषों ने समाज और देश के लिए लड़ाइयां लड़ीं, लेकिन वामपंथियों ने महापुरुषों को भी जातियों में बांट दिया। वामपंथी इतिहासकारों ने महाराजा सुहेलदेव, शिवाजी और महाराणा प्रताप को महान नहीं बताया, बल्कि अकबर को महान बताया। इससे पहले उन्होंने रामलला और बजरंगबली का दर्शन पूजन किया।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, भगवान राम ने जब धरती को राक्षसों से मुक्त करने का संकल्प लिया तो वे अयोध्या से सेना लेकर नहीं गए थे, बल्कि पिछड़े लोगों और वानर, भालुओं के साथ राक्षसों को परास्त किया। भगवान राम से निषादराज ने भेंट की, लेकिन जाति की बात करने वालों ने कभी श्रृंगवेरपुर की फिक्र नहीं की। निषादराज की विरासत को भुला दिया गया। पहले एक पूर्व सीएम ने कहा था अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। राम और कृष्ण को काल्पनिक कहा जाता था, लेकिन जब रामभक्तों ने अंगड़ाई ली तो अब वही लोग खुद को रामभक्त बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले होली होती थी तो फतवा निकल जाता था कि दोपहर 12 बजे तक ही रंग खेला जाएगा। कांवड़ यात्रा नहीं निकल पाती थी। आस्था से खिलवाड़ किया जाता था, लेकिन अब वही लोग रंग बदल कर रामभक्त बन रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहना है।

सीएम ने कहाकि कोरोना काल में जब सरकार और भाजपा कार्यकर्ता लोगों की सेवा में लगे थे, तो विपक्ष ट्व‍िटर  पर बिजी था। चुनाव में विपक्ष को ट्व‍िटर के लिए ही छोडऩा है। उन्होंने कहा कि राज्य अब प्रश्न प्रदेश नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश बन चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे नंबर पर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी देश में दूसरे नंबर पर है। कहा, पहले नौकरियां निकलती थीं तो एक परिवार वसूली के लिए निकल पड़ता था। भाजपा शासनकाल में साढ़े चार लाख नौकरियां दी गईं, लेकिन किसी ने कोई शिकायत नहीं की। प्रदेश ने सुरक्षा और सुशासन का लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने कहाकि पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इससे पहले पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप ने उनका स्वागत किया। सीएम को राममंदिर का मॉडल, गदा और धनुष बाण भेंट कर पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

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